पवन हॉस्पिटल का कौन है असल संरक्षण दाता, गिरफ्तारी कब

पवन हॉस्पिटल का कौन है असल संरक्षण दाता,  गिरफ्तारी कब

गाजीपुर बिरनो थाने से महज सौ मीटर की दूरी पर स्थित पवन हॉस्पिटल मे प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग लीपापोती करने में जुटी हुई है । आपको बता दें कि मृतिका का ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से गुरुवार को मौत हो गई थी वही इस मामले मे काफी गहमागहमी होने के बावजूद लगभग 24 घंटे बाद पुलिस हरकत में आई और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया लेकिन अभी तक स्वास्थ्य महकमा इस घटना के बाद भी मौन धारण किए हुआ है वही घटना के बाद हॉस्पिटल संचालक ताला बंद कर कर्मचारियों के साथ फरार हो गया था लेकिन हॉस्पिटल के अंदर एक चार पहिया वाहन छोड़ दिया था लेकिन अब चार पहिया वाहन भी निकाल कर ले जा चुका है यह किसके सह पर और किसके संरक्षण पर हुआ जांच का विषय है ।

मामला है जंगीपुर थाना क्षेत्र के सेखुवापुर गांव निवासी नीरू देवी उम्र 22 वर्ष पत्नी वीरेंद्र बनवासी की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। इससे नाराज परिजन व ग्रामीणों ने एन एच 31 पर घंटो जाम लगाया था घटना के बाद अस्पताल का ताला लगाकर संचालक फरार हो गया था। शुक्रवार को दोपहर पीड़ित परिवार का मुकदमा दर्ज न होने पर समाजिक कार्यकर्ता पुलिस के उचाधिकारीयो से मिले तब जाकर शुक्रवार की शाम को मुकदमा दर्ज किया गया।

 लेकिन पुलिस की तरफ से क्या धाराएं लगाई गई है यह भी स्पष्ट रूप से प्राप्त नहीं हो रहा है वही इस घटनाक्रम के बारे में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चंद्रेश प्रभाकर मिश्रा से संपर्क साधा गया था उन्होंने बताया कि शुक्रवार की सुबह ही अस्पताल में ताला बंद कर संचालक फरार हो गया था प्रसूता के अस्पताल में लापरवाही से हुई मौत की रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को भेजी जा रही है अस्पताल पर विभागीय केस दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।

 विशेष 

 लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति होगी या दर्जनों बेकसूरों को मौत के घाट उतार चुके पवन हॉस्पिटल पर कार्यवाही भी होगी यह जांच के साथ हॉस्पिटल पर आंच कहां तक पहुंचेगी यह देखने का विषय है।