पुत्री रत्न का घर पर हुआ स्वागत

पुत्री रत्न का घर पर हुआ  स्वागत

गाजीपुर बिरनो :- कई लोग बेटियों के जन्म पर अफसोस करते हैं। कुछ लोग तो मातम सा मनाते हैं।

लेकिन विकास खण्ड विरनो के ग्राम दिलावल पट्टी में सिंह परिवार ने बेटी के जन्म पर न केवल खुशी मनाई बल्कि सोमवार को जब उसको गुजरात के अहमदाबाद से अपने घर पर प्रथम आगमन हुआ तो उसका द्वीप प्रज्जविलत (आरती उतारकार) कर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया।इस संबंध में दादा रमाकांत सिंह व दादी आशा सिंह ने बताया कि हमारे बङे बेटे सत्येंद्र सिंह और बहू रिचा सिंह को प्रथम कन्या रत्न की प्राप्ति हुई है ।जिसकी घर आगमन पर परिवार के सभी सदस्यों आरती उतारकर,पुष्पवर्षा व आतिशबाजी कर स्वागत करते हुए खुशियां मनाई।नवजात कन्या के पिता सीबीएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर व समाजसेवी सत्येंद्र सिंह ने बताया की फर्श से मेहनत के बदौलत तमाम कठिनाइयों को पार करते हुए आज हम इस मुकाम पर पहुंच चुके हैं कि एक बेटी तो क्या 100 बेटियों को भी हम अच्छी शिक्षा और सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं अपने ग्राम सभा के प्राइमरी पाठशाला से निकलकर जो शिक्षा प्राप्त हुई उन गुरुजनों के आशीर्वाद से गुजरात जैसे राज्य में एक मुकाम हासिल कर पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है मेरा मानना है कि बेटी लक्ष्मी के समान होती है। और हमारे घर-परिवार मे बहुत खुशी की बात है की कन्या रत्न की प्राप्ति हुई है।हम खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस पल को कभी नहीं भूलेंगे।

वहीं परिवार में बड़े दिनों बाद बेटी का जन्म हुआ है जिससे परिवार वाले काफी खुश हैं,लक्ष्मी आगमन पर सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी।

समाज को दिया संदेश

इस मौके पर घर पर गांव के कई लोग मौजूद थे। सभी लोगों ने कहा कि बेटा और बेटी दोनों ही एक ही मां के पेट से जन्म लेते हैं। उनमें मां-बाप का खून होता है। हमारे समाज में जब बेटे के जन्म पर खुशियां मनाई जाती हैं तो बेटी के जन्म पर क्यों नहीं? अगर सभी लोगों के बेटे ही हो जाएंगे तो बहू के लिए बेटियां कहां से लाओगे।परिवार के इस तर्क से सभी लोगों ने अपने सहमति दी ।

कहते है कि हर व्यक्ति के सौ भाग्य होते हैं औऱ यदि जिसके एक भाग्य अच्छे हो तो उसके घर बेटे क जन्म होता हैं और यादि सौ के सौ भाग्य अच्छे हो तो बेटी का जन्म होता हैं। इसलिए शास्त्र भी कहते हैं कि बेटे भाग्य से मिलते हैं लेकिन बेटियां सौभाग्य से मिलते हैं। इसीलिए को बेटियों पर नाज होना चाहिए।

तभी तो कहा गया है-बेटियां फुल हैं, बेटियां प्यार है, बेटी घर की आँगन की बाहर है ईस मौके पर परिवार जन के साथ भाई रामप्रवेश सिंह, चंदन सिंह अमित पांडे विकास यादव अतुल सिंह प्रदीप सिंह, गौरव सिंह, सौरभ सिंह, कान्हा सिंह, किशन सिंह सहित क्षेत्र के अभिभावक व युवा साथी मौजूद रहे।