सेव फॅमिली फाउंडेशन का आह्वान, करेंगे कानूनों के दुरुपयोग के खिलाफ अब आंदोलन
बड़ती पुरुष आत्महत्याओं और कानून के दुरुपयोग के खिलाफ आंदोलन
नोएडा। अतुल सुभाष, पुनीत खुराना और मानव शर्मा की हालिया आत्महत्या के मामलों ने देश को हिला दिया है। इन दुखद घटनाओं ने वैवाहिक अशांति और भारत में लिंग-आधारित कानूनों के दुरुपयोग के बढ़ते मुद्दे को उजागर किया है। मुस्कान रस्तोगी का मामला, जिसने कथित तौर पर अपने पति की हत्या की और उनके शरीर को एक ड्रम में रख दिया, ने वैवाहिक संबंधों में बढ़ते तनाव को और भी उजागर किया है।

इक प्रेस वार्ता में सेव फॅमिली फाउंडेशन के अमित लखानी ने बताया कि कानूनों का दुरुपयोग, विशेष रूप से दहेज़ और बलात्कार से संबंधित, एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गया है। बदला लेने या जबरन वसूली के साधन के रूप में अक्सर झूठे मामले दर्ज किए जाते हैं, जिससे पुरुष असहाय महसूस करते हैं और उनके पास कोई क़ानूनी सुरक्षा नहीं होती। भारत में पुरुष आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या चौंकाने वाली है, हर 4.5 मिनट में, देश में एक पुरुष आत्महत्या करता है जिसमें पारिवारिक और घरेलू समस्याएं प्रमुख कारण हैं।

इन गंभीर मुद्दों के जवाब में, सेव इंडियन फैमिली मूवमेंट, जो 40 एनजीओ का एक समूह है, ने 19 अप्रैल, 2025 को जंतर मंतर पर सत्याग्रह फॉर मेन नामक एक शांतिपूर्ण सभा का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, लिंग-तटस्थ कानूनों की मांग, लिंग-आधारित कानूनों के दुरुपयोग के लिए सख्त दंड, और पुरुषों के मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक राष्ट्रीय आयोग की स्थापना के लिए जोर देना है। मूवमेंट की हेल्पलाइन, एसआईएफ वन (8882 498 498), कई पुरुषों के लिए एक जीवनरेखा रही है जो संकट में हैं।
"हमें इन मुद्दों पर सरकार की ओर से एक मजबूत रुख की आवश्यकता है, ये मुद्दे आज पूरे सामाज को प्रभावित करते हैं," श्री सौरभ सिंह और श्री वासिफ अली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा। "हम लोगों से आग्रह करते हैं कि वे जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में एकत्र हों और इस मुहीम का समर्थन करें, जो सही मायने में समानता की भावना में निहित है।" सत्याग्रह फॉर मेन एक बदलाव की पुकार है, जो एक अधिक संतुलित और समान समाज बनाने की मांग करता है।
संस्था द्वारा मांगे प्रधान मंत्री, गृह मंत्री, कानून मंत्री अथवा मंत्रालयों में ज्ञापन के माध्यम से भेजी जाएंगी।


