सावित्रीबाई फुले के जन्म दिवस पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

सावित्रीबाई फुले के जन्म दिवस पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

गाजीपुर बिरनो विकास खण्ड अन्तर्गत पृथ्वीपुर में सचिवालय पर रविवार को   माता सावित्री बाई फुले की जयंती विचार गोष्टी के रूप में मनाई गई ।कार्यक्रम का शुभारंभ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनक कुशवाहा एवं व युवा भाजपा नेता सुधाकर सिंह कुशवाहा  द्वारा माता सावित्री फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर  कार्यक्रम को प्रारंभ करायागया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनक कुशवाहा ने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन दर्शन पर अपनी बात रखी । उन्होने कहा की 

शिक्षा किसी भी देश या समाज के विकास का आधारभूत ढांचा होता है. जिस देश की शिक्षा प्रणाली उच्च कोटि की होती है, उस देश का विकास बहुत तेज गति से होता है. आज दुनिया भर में यह प्रमाणित हो चुका है कि शिक्षा हर एक नागरिक का सम्पूर्ण विकास करती है. एक ओर जहां अधिकांश अफ्रीकी देश केवल 25 से 50 प्रतिशत साक्षरता के चलते गृहयुद्ध की स्थिति में दरिद्री झेल रहे हैं. वहीं, पाश्चात्य देश 100 प्रतिशत के निकट की साक्षरता के चलते फलफूल रहे हैं. भारत में वर्तमान में यह 75 प्रतिशत के आस-पास है.

शिक्षा मनुष्य के विचारों से लेकर उसकी सम्पूर्ण जीवन शैली को प्रतिबिंबित व प्रभावित करती है. आजादी के 72 साल बाद भी भारत की शिक्षा व्यवस्था अन्य देशों की तुलना मे काफी निम्न स्तर की है, जो भारत के लिए गंभीर समस्या है. यदि भारत को बहुत तेज गति से विकास करना है, तो उसे अपनी शिक्षा व्यवस्था मे सुधार करना होगा.

इस बात का जिक्र आज हम इसलिए कर रहे हैं कि आज देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के योगदान को जिस तरह याद करना चाहिए, वैसे नहीं किया जाता. 19वीं सदी में जब देश में राजनैतिक गुलामी के साथ-साथ सामाजिक गुलामी का भी दौर था, तब सावित्री बाई फुले ने शिक्षा के महत्व को जाना, समझा और महिलाओं की आज़ादी के नए द्वार खोलकर उनमें नई चेतना का सृजन किया.ईस मौके पर अच्छे लाल कुशवाहा ,बालकरन कुशवाहा ,प्रधान विनोद गुप्ता ,मुद्रिका राम, रवी मौर्य, गंगा सागर सिंह कुशवाहा, मुकेश भारती ,मंगल सिंह कुशवाहा संजय सिंह कुशवाहा पिंटू गौड़ आदी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान नागेंद्र कुशवाहा व संचालन हिमांशु मौर्य ने किया वहीं आए हुए सभी अतिथियों व प्रबुद्ध जनों का व्यवस्थापक नागेंद्र कुशवाहा ने आभार प्रकट किया।