शहीद मनोज कुशवाहा का मनाया गया छठवां शहादत दिवस

शहीद मनोज कुशवाहा का मनाया गया छठवां शहादत दिवस

गाजीपुर जम्मू कश्मीर के माछिल सेक्टर में 22 नवंबर 2016 को पेट्रोलिग करते समय आतंकवादियों के द्वारा फायरिग में शहीद मनोज कुशवाहा का गृह ग्राम बद्धुपुर ( नोनियापुर) मे 6 वां शहादत दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि उमाशंकर कुशवाहा ने शहीद के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

मुख्य अतिथि उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि 22 नवंबर 2016 को माछिल सेक्टर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए मनोज कुशवाहा शहीद हो गए। उनकी शहादत से प्रेरणा लेकर युवा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। सरकार शहीद के परिजनों का अपमान कर रही है सरकार शहीद के परिवार का मांग था की शहीद के परिवार में एक सदस्य को नौकरी, शहीद पार्क का निर्माण, शहीद के पैतृक गांव को जोड़ने वाली सड़क को शहीद के नाम से दर्ज करने व पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी देकर शहीद के पत्नी और बच्चों को सामाजिक सम्मान और भविष्य के लिए आर्थिक मदद की व्यवस्था संपूर्ण ढंग से बनी रहे

लेकिन जिस तरह से सरकार के द्वारा वादाखिलाफी किया गया है यह बहुत ही निंदनीय है देश की सेवा करते हुए एक लाल वीरगति को प्राप्त होता है और उसके परिजनों को लंबे लंबे भाषण देकर शांत करा दिया जाता है इससे कहीं ना कहीं सैनिकों के परिजनों को यह संदेश जाता है कि सरकार में बैठे लोग शहीद का सम्मान ना करके सिर्फ राजनीति करने का काम करते हैं। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार सिंह ने कहा की अपनों के लिए जीने और मरने का अवसर तो सभी के पास होता है,पर देश के लिए जान देना सिर्फ कुछ ही खुशनसीब लोगो को मिलता है। जिस उम्र में लोग अपनी जवानी को जीने का फैसला ले रहे होते हैं उस उम्र में इस गाजीपुर के लाल ने देश की खातिर सर्वोच्च बलिदान दे दिया। मात्र 28 वर्ष की आयु में देश की सुरक्षा में गाजीपुर की माटी को धन्य कर श्री मनोज सिंह कुशवाहा ने आतंकवादियों से सामना करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। धन्य है उस माता की कोख जिसने इस वीर सपूत को जन्म दिया , धन्य है ये शहीदों की भूमि जहाँ की माटी में ये लाल खेला , धन्य है वो पिता जिसने अपने बेटे को देश के नाम कर दिया। आज शहादत दिवस पर अमर शहीद स्व. मनोज सिंह कुशवाहा जी के माता जी से मिल उनको श्रद्धांजलि अर्पित की , उनके इस बलिदान को देश और गाजीपुर कभी नहीं भुला पाएगा। ने कहा कि देश स्वतंत्र है और हम सब स्वतंत्रता पूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं तो इसमें सबसे प्रमुख योगदान देश की सेना जो देश की रक्षा के लिए बॉर्डर पर तैनात है उनको जाता है और जिस परिवार ने अपने बच्चों को देश की रक्षा करने के लिए बॉर्डर पर भेजा है वह बहुत ही सम्मान के पात्र हैं ।

इस मौके पर शहीद के परिजनों द्वारा विधवाओं को कंबल वितरण भी किया गया इस मौके पर मुख्य रूप से बिरनो ब्लॉक प्रमुख राजन सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव,ग्राम प्रधान सुभाष राम ,विनोद गुप्ता, नागेंद्र कुशवाहा ,युवा समाजसेवी सत्येंद्र सिंह, विजय कुमार मधुरेश, शशि कुशवाहा, डब्लू कुशवाहा, हरिकेश यादव मौजूद रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता शहीद के पिता हरी लाल कुशवाहा और संचालन पूर्व प्रधान आकाश राजभर ने किया।