सरकारी विभागों की अनदेखी से छोटे उद्योगों पर संकट - मनीष गुप्ता

सरकारी विभागों की अनदेखी से छोटे उद्योगों पर संकट - मनीष गुप्ता

नोएडा। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) संकट का सामना कर रहा है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तमाम तरह की योजनाएं बना रही है, लेकिन निचले स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और विभागों का सहयोग नहीं मिलने से उद्यमियों को अपनी इकाइयां चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-27 स्थित क्लब 27 में इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) नोएडा चैप्टर की दसवीं मंथन बैठक को संबोधित करते हुए चैयरमैन  मनीष गुप्ता ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कई तरह की समस्याओं का सामना एमएसएमई सेक्टर को करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से डीजल जनरेटर सेट पर पाबंदी लगाई गई थी। उद्योगों को अपने डीजल जनरेटर सेट पीएनजी में बदलने के लिए समय सीमा निर्धारित की गई।

डीजल जनरेटरों पर पाबंदी लगा दी गई है, लेकिन पर्याप्त बिजली की आपूर्ति औद्योगिक सेक्टरों में नहीं हो पा रही है। उद्यमी पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड आवेदन के छह से सात महीने बाद भी कनेक्शन नहीं दे पा रहा है। अब गर्मियां शुरू होने चुकी हैं और उद्योगों के सामने बिजली कटौती के कारण एक बार फिर उत्पादन प्रभावित होने का संकट मंडराने लगा है। श्रम विभाग की तरफ से उद्यमियों को किसी तरह की पूर्व सूचना और नोटिस जारी किए बिना एक्स पार्टी केस बनाए जा रहे हैं। कर्मचारी अनुचित मांग की शिकायत लेकर श्रम विभाग में जाते हैं। विभाग की तरफ से उद्यमियों का पक्ष नहीं सुना जाता है और सीधे ही एक्स पार्टी केस बनाकर रिकवरी के नोटिस भेजे जाते हैं। इस तरह की तमाम स्थानीय स्तर की समस्याओं का सामना छोटे-मंझोले उद्योगों को करना पड़ रहा है। संस्था के सदस्यों ने उद्योग चलाने में आ रही कठिनाईयों से अवगत कराया। 

चार्टर्ड अकाउंटेंट मनीष गुप्ता ने उद्यमियों को लेखाजोखा दुरुस्त रखने और स्टॉक सही तरीके से रखने के टिप्स दिए। उद्योग विशेषज्ञों ने औद्योगिक विकास के लिए कर्मचारियों के विकास पर जोर देते हुए टीम बिल्डिंग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि आज के गतिशील और प्रतिस्पर्धा वाले दौर में टीम बिल्डिंग प्रबंधन का बड़ा महत्व है। इस तरह की गतिविधियां न केवल कर्मचारी और नियोक्ता के बीच सामंजस्य बनाती है बल्कि कर्मचारियों के मनोबल को भी मजबूत करती है। सौर ऊर्जा से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में इसकी जरूरत और महत्व बढ़ता जा रहा है। रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर उद्यमी उत्पादन लागत कम करने के अलावा तमाम तरह की समस्याओं को दूर कर सकते हैं। इस मौके पर आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल, वाइस चेयरमैन आशीष मल्होत्रा, सचिव निर्मलकांत गोयल और कोषाध्यक्ष वंदित बंसल सहित संस्था के कई सदस्य उपस्थित रहे।