होली मे होने वाले अनाचार रोक कर धर्मशास्त्रानुसार होली मनाएं : हिन्दू जनजागृति समिति

होली मे होने वाले अनाचार रोक कर धर्मशास्त्रानुसार होली मनाएं : हिन्दू जनजागृति समिति

"हिंदू जनजागृति समिति" की ओर से नोएडा के सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस में और नोएडा के डी आई जी श्रीमान राम बदन सिंह जी को ज्ञापन दिया गया। होली एवं रंगपंचमी के अवसर पर होने वाली विकृतियों को रोकने और भारतीय संस्कृति की पवित्रता बनाए रखने हेतु हिंदू जनजागृति समिति प्रति वर्ष जनजागरण अभियान का आयोजन करती है।

सनातन हिंदू धर्म का मूल उद्देश्य ‘सर्वेभवन्तु सुखिनः सर्वे संतु निरामया’ अर्थात सभी के कल्याण की कामना करना है। हमारे ऋषि-मुनियों ने जीवन को आनंदमय बनाने के लिए विभिन्न व्रत, त्योहार और उत्सवों की परंपरा स्थापित की, ताकि व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी अनुभव कर सके। परंतु, संविधान की धारा 28, 29 और 30 के अंतर्गत हिंदुओं को धर्म शिक्षा से वंचित रखा गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि आज हमारे त्योहारों में अनेक विकृतियां उत्पन्न हो गई हैं।

होली का मूल उद्देश्य बुराई पर अच्छाई की विजय और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है, किंतु आधुनिक काल में यह केवल रंगों की होली और अनावश्यक उन्माद तक सीमित रह गई है। आज शहरी क्षेत्रों में होली उत्सव के दौरान अशुद्धि, असंस्कारी आचरण, पर्यावरण प्रदूषण, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और सामाजिक अव्यवस्था जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। यह न केवल हमारी संस्कृति और परंपरा को धूमिल करता है, बल्कि समाज में अराजकता भी फैलाता है।  

होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक यज्ञ है, जिसके माध्यम से नकारात्मक शक्तियों का अंत कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, होली की रचना में केवल शुद्ध सामग्री जैसे सूखी लकड़ियां, गोबर के उपले और सूखे वृक्षों की टहनियों का ही उपयोग किया जाना चाहिए। किंतु, वर्तमान में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक, पुराना फर्नीचर, रबर, केमिकल युक्त पदार्थ आदि जलाए जाते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है और धार्मिक स्थान की शुद्धता भी भंग होती है। 

इस संबंध में समिति द्वारा निम्नलिखित मांग की गई :

होली जलाने से पहले उस स्थान की स्वच्छता और पवित्रता सुनिश्चित की जाए ताकि यह एक पवित्र यज्ञ के रूप में संपन्न हो। 
होलिका दहन के समय मस्ती, हुड़दंग, शोरगुल, मद्यपान और अनुचित आचरण पर पाबन्दी लगाई जाए 
होली के दिन बिना हेलमेट वाहन चलाना, मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना,शराब पीकर वाहन चलाना जैसे अपप्रकार पर सख्त कार्रवाई की जाए ।
सोशल मीडिया पर अश्लीलता और अनैतिकता को रोका जाए व कड़ी कानून कार्रवाई की जाए ।
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष पुलिस दल गठित किया जाए ।