रावण द्वारा सीता जी का हरण व राम-सुग्रीव मित्रता
नोएडा। श्रीराम मित्र मण्डल नोएडा रामलीला समिति द्वारा सेक्टर-62 के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मंचन के अष्टम दिन मुख्य अतिथि नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह,पूर्व परियोजना अभियंता एमपी शर्मा,हिन्दू युवा वाहिनी नोएडा के अध्यक्ष टीसी गौड़,नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर रामलीला का शुभारंभ किया गया। श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग, अध्यक्ष धर्मपाल गोयल एवं महासचिव डॉ॰मुन्ना कुमार शर्मा द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
प्रथम दृश्य में रावण दरबार में सुर्पणखा विलापकरती हुई पहुंचती हैं। रावण सुर्पणखा की दशा देखकर उससे पूछता है कि उसका नाक किसने काटा। सुर्पणखा बताती है कि राम लक्ष्मण दशरथ के पुत्र हैं । राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने उसकी नाक कटी हैं और उन्होंने खरदूषण का भी वध कर दिया ।
रावण सोचता है खर दूषण को मारने वाला कोई साधारण मनुष्य नहीं हो सकता , निश्चित ही कोई अवतार है ।रावण मारीच के पास जाता है और राम से बदला लेने के लिए कपट मृग बनने को कहता है ।मारीच सोने का मृग बनकर पंचवटी से निकलता है तो सीता राम जी से उस स्वर्ण मृग की खाल लाने को कहती हैं ।राम जी उसके पीछे जाते हैं और उस स्वर्णमृग को एक बाण से मार देते हैं ।मारीच मरते समय, है लक्ष्मण! है लक्ष्मण! पुकारता है। उधर मौका देखकर रावण साधु का वेश रखकर जबरदस्ती सीता को पुष्पक विमान में बैठा कर आकाश मार्ग से जाता है। जटायु रावण पर हमला कर देते हैं इसके बाद लंकेश जटायु के पंख तलवार से काट देता है ।
इधर राम लक्ष्मण पंचवटी पहुंचते हैं वहां पर सीता को न पाकर दुःखी होकर ढूंढने लगते हैं । रास्ते में घायल गिद्ध राज जटायु मिलते हैं वह सारा वृतांत बताते हैं और भगवान की गोद में अपने प्राण त्याग देते हैं ।
उसके बाद भगवान सबरी के आश्रम पहुंचते हैं जहां पर प्रेम भक्ति में सबरी के झूठे बेर खाते हैं। श्रीराम ने कबन्ध का भी उद्धार किया था, जिन्होंने उन्हें वानरराज सुग्रीव से मित्रता करने का सुझाव दिया था। सुग्रीव का निवास-स्थल खोजते हुए राम-लक्ष्मण जब ऋष्यमूक पर्वत के पास पहुंचे तो उन्हें देखकर वानरदल को उन पर संदेह हुआ।तब उन्होंने हनुमान से आग्रह किया कि पता लगाया जाए कि वे दोनों दिव्य पुरुष कौन हैं तब हनुमान ने साधु का रूप धारण कर राम और लक्ष्मण से मुलाकात की।सुग्रीव से मित्रता होती है और सुग्रीव बाली की दुष्टता के बारे में बताता है। सुग्रीव और बाली का युद्ध होता हैं और भगवान राम बाली का वध कर देते हैं । इस प्रकार प्रभु श्रीराम बाली को अपने परम धाम पहुंचा देते हैं। इसी के साथ अष्टम दिवस की लीला का समापन होता है।
इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल, राजकुमार गर्ग, चौधरी रविन्द्र सिंह, तरुणराज, पवन गोयल,मुकेश गोयल, बजरंग लाल गुप्ता, एस एम गुप्ता, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता, गिरिराज बहेडिया, चक्रपाणि गोयल,अनंत वर्मा,राजेश माथुर, साहिल चौधरी,नवीन पोरवाल, दयाशंकर तिवारी, दीपक अग्रवाल, बाबूराम शर्मा सहित श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के सदस्यगण व शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्तिथ रहे।


