ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत तो बची सांड की जान

ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत तो बची सांड की जान

गाज़ीपुर  कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के सोनबरसा काली मंदिर पोखरा में तीन दिन से सांड गिरकर फसने की सूचना शुक्रवार को ग्रामीणों को मिलने पर एकत्र होकर सांड को घंटे प्रयास कर लोगों की सामूहिक शक्ति की वजह से सांड को पोखरा से निकाल कर उसे मरने से बचा लिया गया। मीडिया द्वारा पशु चिकित्सा प्रभारी को सूचना देने पर कासिमाबाद पशु चिकित्सा प्रभारी अमित कुमार मय टीम के साथ पहुंचे और घायल सांड का त्वरित इलाज किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रतिदिन पशु चिकित्सा केंद्र से कर्मचारियों के द्वारा इस घायल पशु का इलाज किया जाएगा । उन्होंने बताया कि आकस्मिक घायल पशुओं के इलाज हेतु 1962 नंबर शासन के द्वारा जारी किया गया है। जनपद में 9 एंबुलेंस मिला है।एक लाख पशुओं के आधार पर सामान्य चिक्तस्कीय इलाज हेतु 50% वाहन चलता है। इस क्षेत्र में मरदह में आकस्मिक पशु चिकित्सकीय इलाज हेतु एंबुलेंस सेवा का केंद्र बना है।लेकिन कासिमाबाद क्षेत्र में पशुओं की आकस्मिक इलाज हेतु एंबुलेंस नहीं मिला है ।जिससे इस क्षेत्र के पशुपालकों को समस्या हो रही है । आकस्मिक एंबुलेंस रहने से पशुपालकों के घायल पशुओं को त्वरित इलाज का लाभ मिलता ।