अखिलेश यादव की PDA रैली से वैश्य ब्राह्मण और सवर्ण समाज नदारद

अखिलेश यादव की PDA रैली से वैश्य ब्राह्मण और सवर्ण समाज नदारद

नोएडा। समाजवादी पार्टी की जिस रैली की तैयारी पिछले लगभग डेढ़ महीने से लगातार युद्ध स्तर पर की जा रही थी एवं जिसका इतना प्रचार प्रसार किया गया था एवं जिसमें समाज के सभी वर्गों को साथ लाने की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही थी इस सामाजिक समानता रैली में सवर्ण समाज की जिस प्रकार उपेक्षा की गई और रैली से पहले जिस प्रकार रैली के संयोजक राजकुमार भाटी द्वारा सवर्ण समाज को लेकर जिस भाषा का प्रयोग किया गया और ब्राह्मण समाज को धमकाया गया उससे अब पुरे प्रदेश के सवर्ण समाज के कार्यकर्त्ता मे गलत सन्देश गया और जिला गौतम बुद्ध नगर की जनता के बीच मे ये डर फ़ैल गया कि कही दुबारा से आतंक का वो मंजर ना आ जाये जिससे निकलने मे अखिलेश यादव ने 15 साल लगा दिए और राजकुमार भाटी भी स्वामी प्रसाद मौर्या की राह पर चल पड़े है!

इस रैली की तैयारी के लिए की गई मीटिंगों में नोएडा महानगर अध्यक्ष को जिस प्रकार नजरअंदाज किया गया एवं एक ही दिन दो जगह मीटिंग करके उन्हें अपमानित किया गया उनकी मीटिंग में राजकुमार भाटी नहीं पहुँचे पर उसी दिन पूर्व उम्मीदवार के यहाँ मीटिंग में राजकुमार भाटी ओर जावेद आब्दी पहुँच गये उसे घटना को भी इसी नजरिए से जोड़कर देखा जा रहा है 

 वही रैली में महानगर अध्यक्ष की विफलता भी खुलकर सामने आ रही है! नोएडा से बहुत कम संख्या में कार्यकर्ता उनके नेतृत्व मे रैली में सम्मिलित हुए  ज्यादातर कार्यकर्ता गुटबाजी के चलते अलग-अलग पहुँचे एवं जिन बसों की व्यवस्था कार्यकर्ताओं को लाने के लिए की गई थी वह बसें भी कार्यकर्ताओं को लेने नहीं पहुंची!

आश्रय गुप्ता द्वारा अपने कार्यकर्ताओं को जिस स्थान पर एकत्रित होने के लिए कहा गया था वहां पर बहुत कम संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे सभी कार्यकर्ता अलग-अलग गुटों में अलग-अलग जगह पर एकत्रित होकर दादरी रैली के लिए निकले इससे यह संदेश जाता है कि महानगर अध्यक्ष पार्टी में अपनी पकड़ खो चुके हैं