गांव विकास की नई पहल 

गांव विकास की नई पहल 

मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले के सिजौल गांव में स्थापित श्रीरामलला वैदेही  ट्रस्ट के तत्वावधान में ग्रामीण विकास हेतु युवा वर्ग को रोजगारमूलक, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्पोकन इंग्लिश स्किल्स की  ट्रेनिंग दी जा रही है। इस बाबत देश के नामचीन संस्था ब्रिटिश लिंग्वा से एक अनुबंध किया गया है ताकि अंगेजी भाषा के लाभ को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके और युवा पीढ़ी को अंग्रेजी शिक्षा कौशल से लैस किया जा सके। 30 युवक-युवतियों के साथ पहले बैच का ऑनलाइन सेशन ब्रिटिश लिंग्वा की दिल्ली शाखा से शुरू हुई है।      

रामलला वैदेही ट्रस्ट के अध्यक्ष विनयचंद्र झा का कहना है कि आगे बढ़ने का आधार हो, और कहीं भाषाई बाधा न हो। इस तथ्य को ध्यान में रख कर ट्रस्ट के माध्यम से स्किल्स डेवलपमेंट व व्यक्तित्व विकास जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।  

वैदेही ट्रस्ट के सचिव अवधेश झा ने कहा कि आज के दौर में अंग्रेजी के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसे अपनाकर युवा पीढ़ी बेहतर करियर पा सकती है साथ ही देश और समाज के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।  

ब्रिटिश लिंग्वा के संस्थापक, जानेमाने लेखक व अंग्रेजी भाषा विज्ञानी डॉ. बीरबल झा कहते हैं कि बेहतर रोज़ी रोटी व लाइफस्टाइल्स पाने के लिए अंग्रेजी काफी मददगार होती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी अब केवल भाषा नहीं रही, यह एक स्किल का रूप ले चुकी है। सभी युवाओं को इस स्किल को निखारना चाहिए जिससे उनका करियर बेहतर हो सके।    

गौरतलब है कि रामलला वैदेही ट्रस्ट की सदस्यता शुल्क अदा कर कोई  व्यक्ति 80 जी लाभ उठा सकता है साथ ही संस्था द्वारा प्रायोजित इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स का लाभ भी उठा सकता है।