गोबर से लकड़ी बनाकर 5 करोड़ पेड़ों की रक्षा की, राष्ट्रीय गोधन महासंघ ने दिल्ली में की बैठक
नवंबर में आयोजित नेशनल समिट की तैयारी की हुई समीक्षा
राष्ट्रीय गोधन समिट में राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित करने की योजना
दिल्ली। राष्ट्रीय गौधन महासंघ दिल्ली द्वारा बीते एक दशक में देसी गायों के गोबर से विशेष लकड़ी बनाकर और उसका उपयोग श्मशान स्थलों पर कराकर 5 करोड़ से ज्यादा वृक्षों की रक्षा की गई है। यह लकड़ी देश के विभिन्न राज्यों में कार्य कर रही गौशालाओं के जरिए बनवाई जाती है। गौधन महासंघ के संयोजन से बड़े शमशान स्थलों पर यह लकड़ी पहुंचाई जाती है, जिससे शवदाह करना लोग प्राकृतिक और पवित्र मानने लगे हैं। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय सहायता मिल रही है वहीं भारी संख्या में रोजगारों का सृजन भी हो रहा है।
राष्ट्रीय गौधन समिट 2025 के मुख्य प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी तथा भाग्योदय फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं संस्थापक आचार्य राम महेश मिश्र ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय गौधन महासंघ के मुख्य संयोजक विजय खुराना की पहल पर इस विशेष लकड़ी निर्माण सहित अनेक अभूतपूर्व कार्य महासंघ द्वारा संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज राजधानी दिल्ली के हौजखास स्थित महासंघ के राष्ट्रीय कार्यालय में संपन्न हुई बैठक में आगामी नवंबर माह की 5 से 10 की तिथियों में राजधानी में आयोजित राष्ट्रीय गौधन समिट 2025 की तैयारियों की समीक्षा की गई। ज्ञातव्य हो, देश की 22 हजार से अधिक गौशालाओं के संचालकों, प्रबंधकों, गौपालकों एवं किसानों का यह महासम्मेलन दिल्ली स्थित मेजर ध्यान चन्द्र स्टेडियम में आयोजित किया गया है।
श्री मिश्र ने बताया कि भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों को इस नेशनल समिट में आमंत्रित किए जाने की योजना है। आज सम्पन्न हुई बैठक में प्रांतवार कार्य का बंटवारा भी किया गया। बैठक में हरियाणा से पूर्व लोकसभा सांसद एवं राष्ट्रीय गौधन समिट 2025 की संयोजक सुनीता दुग्गल ने राज्यवार प्रगति प्रस्तुत की। श्रीमती दुग्गल ने आशा व्यक्त की कि गौभक्तों का यह महासम्मेलन देश में अभूतपूर्व होगा। बैठक में देश के पांच प्रांतों से आए अनेक गौभक्त मौजूद रहे।


