कायस्थ सभा ने किया श्री चित्रगुप्त के प्रकट उत्सव का भव्य आयोजन
नोएडा। कायस्थ सभा गौतम बुध नगर द्वारा 3 मई 2026 को नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के ऑडिटोरियम में भगवान श्री चित्रगुप्त के प्रकट उत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। आयोजन का प्रारंभ भगवान श्री चित्रगुप्त जी की पूजा अर्चना और आरती से की गई। सभी उपस्थित सदस्यों ने श्री चित्रगुप्त जी की आरती में भाग लिया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि योगेंद्र नारायण तथा विशिष्ठ अतिथि सुनील निगम एडवोकेट, अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा थे। श्री योगेंद्र नारायण वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्ति) हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष, राज्यसभा के महासचिव, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, भारत सरकार में रक्षा सचिव और देश के लगभग समस्त वरिष्ठतम प्रशासनिक पदों को सुशोभित कर चुके हैं। वर्तमान में श्री योगेंद्र नारायण जी गढ़वाल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति के पद को सुशोभित कर रहे हैं। इनका लगभग 42 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव है। योगेंद्र नारायण के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती नीना माथुर भी उपस्थित रहीं।
बैठक में कायस्थ सभा गौतम बुद्ध नगर के लगभग 120 से अधिक सदस्य उपस्थित रहे। यह उल्लेखनीय है कि भगवान चित्रगुप्त जी का प्रकटोत्सव चित्र सभा द्वारा बहुत हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है।
लगभग सभी परिवारों के सदस्य बहुत सुंदर गीत संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं छोटे-छोटे बच्चों द्वारा नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं हैं और बच्चे युवा बुजुर्ग सभी ने इस कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने में अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी हैं।
कायस्थ सभा के अध्यक्ष आर एन श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत करते हुए कायस्थ सभा गौतम बुद्ध नगर की उपलब्धियां बताई यह भी बताया कि कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा में सहायता करने का निर्णय लिया गया है।
योगेंद्र नारायण ने कायस्थ सभा गौतम बुद्ध नगर की सराहना करते हुए कहा कि भगवान श्री चित्रगुप्त जी का पूजन अर्चना करने से निरंतर बुद्धि प्रबल होती है प्रगति के मार्ग खुलते हैं और समाज में कायस्थ समाज का गौरव स्थाई हो जाता है। भारत में कायस्थ समाज का योगदान अतुलनीय और प्रशंसनीय रहा है और भारत के प्रशासन में कायस्थ परिवारों की भागीदारी सदैव उल्लेखनीय रही है।
कायस्थ सभा गौतम बुद्ध नगर को शुभकामना संदेश और आशीर्वाद आशीर्वचन दिए। श्री सुनील कुमार निगम ने भी अखिल भारतीय कायस्थ महासभा को और अधिक शक्तिशाली बनाकर सारे देश के कायस्थों को एक संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया कि हम सब कायस्थ मन से शरीर से और बुद्धि से शक्तिशाली बने ताकि समाज के लिए अधिक से अधिक उपयोगी हो सकें।


