न्यू नौएड़ा क्षेत्र को विकसित करने के लिए एक अलग प्राधिकरण का गठन होना चाहिए - पी.एस. जैन

न्यू नौएड़ा क्षेत्र को विकसित करने के लिए एक अलग प्राधिकरण का गठन होना चाहिए - पी.एस. जैन

नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार न्यू नौएड़ा के गठन पर गम्भीरता पूर्वक विचार कर रही है। इस सबंध में हमारा सुझाव है कि इसके लिए अलग से एक प्राधिकरण का गठन किया जाना चाहिए, नौएड़ा का वर्तमान क्षेत्रफल लगभग 200 वर्ग किमी0 है। तथा आबादी लगभग 15 लाख है तथा कुल सैक्टर 163 है यह कहना है कोनरवा के अध्यक्ष पी एस जैन का। 

उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के अन्दर वर्तमान में ही स्टाफ की बहुत भारी कमी है तथा अखबार के माध्यम से भी जानकारी मिल रही है कि प्राधिकरण न्यू नौएड़ा के लिए अलग से स्टाफ की मांग कर रहा है। ऐसे में उचित होगा कि न्यू नौएड़ा में एक CEO , एक ACEO, एक OSD नये नियुक्त कर दिये जाए, जिनका नौएड़ा की किसी भी कार्य से कोई सम्बंध न हो। जिससे उसमें अलग स्वतंत्र अधिकारी होने से, उनका पूर्ण ध्यान केवल उस नये क्षेत्र का विकास करने का होगा। इससे इस दिशा में कार्य अधिक हो सकेगा। अधिकारी पर अधिक भार, दायत्वि व अधिकार देने से कार्यो पर न तो सही ध्यान दिया जाता है न गुणवता होती है। नौएड़ा के CEO के पास वर्तमान में ही मेट्रो व प्राधिकरण का काम इतना है की इस पर प्रयाप्त समय नही दे पाते है। अतः गुणवता व जनहित के कार्यो का हाल जो जग जाहीर है। पूर्व में भी ग्रेटर नौएड़ा औद्योगिक विकास प्राधिकरण व यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण जो आज पूर्ण स्वरूप में है तथा इन क्षेत्रो में विकास कार्य भी हो रहे है। पुराने प्राधिकरण का क्षेत्रफल बढाने से कार्यो में गति नही आयेगी तथा बहुत से निर्णयो से प्राधिकरण पर बोझ बढ़ेगा।