‘सेनोरा 2026 - द मल्टीफेसेटेड यू’ नामक कार्यशाला का हुआ आयोजन

‘सेनोरा 2026 - द मल्टीफेसेटेड यू’ नामक कार्यशाला का हुआ आयोजन

एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी फिनिशिंग स्कूल द्वारा ‘‘ सेनोरा 2026 - द मल्टीफेसेटेड यू’’ नामक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में अंर्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक और ध्यान गुरू सुश्री पल्लवी वाइ सिंह और महिला डीजे सुश्री बरखा कौल ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर एमिटी फिनिशिंग स्कूल की प्रमुख और उपनिदेशक डा ईशानी सारस्वत ने किया। इस कार्यशाला का उददेश्य प्रतिभागियों के व्यक्तित्व का विकास करना और विद्यार्थियों को प्रेरित करना है।

कार्यशाला में अंर्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक और ध्यान गुरू सुश्री पल्लवी वाइ सिंह ने ‘‘ उत्कृष्टता की गूँज - आंतरिक शांति से बाहरी सफलता तक की यात्रा’’ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि क्या आप भटकने वाले मस्तिष्क के साथ सफल हो सकते है। एकाग्रता, कमजोर होती है ओर हमारी उर्जा ध्यान केन्द्रीत करने में लगी है जबकी मस्तिष्क के पीछे हमारे विचार चल रहे है। सफलता के दो प्रकार होते है बाहरी सफलता और अंातरिक सफलता। बाहरी सफलता हमारी उपलब्धिया है जबकी आंतरिक सफलता शंाती महसूस करना है। सुश्री सिंह ने कहा कि तीन उत्कृष्टता के स्तंभ है जिसमें प्रथम स्तंभ स्पष्टता है जब तक मानसिक स्पष्टता नही आयेगी भ्रम, टालमटोल और गलत निर्णय होता रहेगा। जबकी स्पष्टता के साथ सही निर्णय, मजबूत लक्ष्य और आत्मविश्वास विकसित होगा। द्वितीय स्तंभ भावनात्मक स्थिरता हैं, आज छात्र प्रतिस्पर्धा, दबाव, सोशिल मीडिया तनाव और कैरियर को लेकर चिंतित है, मेडिटेशन आपको भावनात्मक बु़िद्धमान, लीचलापन और आत्मविश्वास बढ़ाता है। तृतीय स्तंभ ध्यान केन्द्रती करना है, जो की नई महाशक्ति है और मेडिटेशन आपको ध्यान केन्द्रीत करने में, ध्यान भटकाव को कम करने और स्मृति को बढ़ाने में सहायक होता है। आपकी सफलता, बस आपकी आंतरिक स्थिति की एक गूंज है।

महिला डीजे सुश्री बरखा कौल ने अपनी जीवन यात्रा को छात्रों के साथ साझा करते हुए कहा कि स्न 2008 से पहले मै मॉडलिंग किया करती थी। संगीत मेरे रक्त में है इसलिए मैने कैरियर में परिवर्तन कर डीजे बनने का फैसला किया। जहंा चाह है वहां राह है आज मैं भारत की एकमात्र महिला डीजे हैं, जिन्होंने अब तक सर्वश्रेष्ठ महिला डीजे के रूप में सर्वाधिक पुरस्कार जीते हैं। उन्होनें छात्रो ंसे कहा कि किसी अन्य के लिए स्ंवय को साबित करने की बजाय स्वंय के लिए खुद को साबित करो। जीवन में अनुशासन बेहद आवश्यक है इसलिए अपने मस्तिष्क, शरीर और आत्मा का गठबंधन करें। नकारात्मकता को त्यागें और आध्यात्मिकता से मुझे मानसिक शांती मिलती है और छात्रो ंको भी मेडिटेशन करना चाहिए।

एमिटी फिनिशिंग स्कूल की प्रमुख और उपनिदेशक डा ईशानी सारस्वत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि एमिटी फिनिशिंग स्कूल छात्रों को व्यक्तिगत और व्यवसायिक स्तर पर ऐसे महत्वपूर्ण व्यवहारो से सुसज्जित करता है जो आपसी संबंध विकसित करने में सहायक होते है। इस प्रकार की कार्यशाला छात्रों के कौशलों को अधिक विकसित करने और उन्हे विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने में के लिए मददगार है।

इस अवसर पर लेफ्टेनेंट डा रीता गंगवानी, सुश्री मोहिनी प्रिया, सुश्री आशमा खन्ना और सुश्री पूजा मोटवानी भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में चुनिंदा विक्रेताओं के स्टालों के साथ उत्पाद प्रदर्शनी भी लगाई गई।