विद्या भारती में पंचपदी शिक्षण प्रणाली के द्वारा छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास किया जाता है - डोमेश्वर साहू

विद्या भारती में पंचपदी शिक्षण प्रणाली के द्वारा छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास किया जाता है - डोमेश्वर साहू

नोएडा। विद्यालय ‘भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर, नोएडा’ में आचार्य दक्षता वर्ग का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन सत्र का मंच संचालन सोमगिरी गोस्वामी (प्रधानाचार्य) द्वारा किया गयाI

इलास कार्यक्रम में श्रीमान डोमेश्वर साहू (क्षेत्रीय संगठन मंत्री, विद्या भारती प.उ.प्र. क्षेत्र), डॉ लक्षम सिंह विष्ट (क्षेत्रीय मंत्री), प्रदीप भारद्वाज (प्रांत मंत्री, शिशु शिक्षा समिति), शिव कुमार शर्मा (क्षेत्रीय शिशु वाटिका प्रभारी), श्रीमान प्रभात गुप्ता (क्षेत्रीय मानक परिषद), मनोज मिश्रा (प्रांतीय प्रशिक्षण संयोजक), विशोक, (प्रदेश निरीक्षक एवं वर्ग पर्यवेक्षक), महेश चंद्र शर्मा (प्रांतीय शैक्षिक प्रमुख), हेमराज (प्रदेश निरीक्षक जन शिक्षा समिति ), मदन पाल सिंह (प्रशिक्षण प्रभारी अंग्रेजी संभाषण केंद्र, नॉएडा एवं प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति) की गरिमामयी उपस्थिति रही। 

उद्घाटन सत्र में डोमेश्वर साहू ने अपने उद्बोधन में विद्या भारती की विकास यात्रा के विषय के बारे में बताया | उन्होंने बताया कि विद्या भारती में पंचपदी शिक्षण प्रणाली के द्वारा छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास किया जाता है। जो भी छात्र-छात्राओं विद्या भारती के विद्यालयों से पढ़कर जाते है वे अपने विद्यालय और समाज के लिए कुछ करना चाहते है इसलिए विद्या भारती के  पूर्व छात्र पोर्टल पर 10 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं पंजीकृत है।  विद्या भारती को SGFI  की मान्यता 2012 में मिली। आज विद्या भारती के कुल 21514 विद्यालय चल रहे है जिसमें औपचारिक, अनौपचारिक, एकल विद्यालय सम्मिलित है। इन विद्यालयों में कुल 153840 आचार्यो द्वारा शिक्षा प्रदान की जा रही है , और कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 3533922 है।