अस्पताल की लापरवाही से हुईं बेटी रुचि की मौत, नही मिला अभी तक न्याय - सुधीर चंद्र पोरवाल

अस्पताल की लापरवाही से हुईं बेटी रुचि की मौत, नही मिला अभी तक न्याय - सुधीर चंद्र पोरवाल

पोरवाल समाज सेवा समिति के पदाधिकारियों की टीम मुख्य संरक्षक सुधीर चंद्र पोरवाल, संरक्षक गोविंद पोरवाल, अध्यक्ष कांत पोरवाल, वरिष्ठ महासचिव मनोज गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश पोरवाल, संगठन मंत्री नवीन पोरवाल वरिष्ठ समाज सेवी कृष्ण चन्द्र पोरवाल आदि जनपद कन्नौज के तहसील छिबरामऊ के ग्राम बेहटा खास में राजेश कुमार गुप्ता के निवास स्थान पर उनके पीड़ित परिवार से मिलने गई।

सुधीर चंद्र पोरवाल ने बताया कि हमने वैश्य समाज के पीड़ित परिवार पर सरकारी अत्याचार की आपबीती सुनी और मृतक बेटी के परिवारी जनों एवं महिलाओं के ऊपर हुए अत्याचार को सुन कर हमारी आत्मा कांप उठी कि हमारा वैश्य समाज कितना असहाय है कि मृतक बेटी को मरे हुए एक सप्ताह हो चुका है किन्तु अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। 

उन्होंने कहा कि वहां पीड़ित परिवार ने अपनी आप बीती हमें सुनाई उसके अनुसार राजेश कुमार गुप्ता की बुखार पीड़ित 15 वर्षीय बेटी रुचि गुप्ता उर्फ लाडो की 18 मई 2025 को डॉ द्वारा गलत इंजेक्शन देने से मृत्यु हो गई थी जैसा कि वहां उपस्थित परिवार के लोगों एवं निवासियों ने बताया कि बेटी के मरने के उपरांत शाम को श्री कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टर/स्टाफ पर कार्रवाई की मांग को लेकर जब परिवार के लोग एकत्र हुए तभी वहां पुलिस आ गई और उन्होंने ने पीड़ित परिवार की महिलाओं को लातों से पीटा और परिवारी जनों पर लाठी चार्ज किया जब इस घटना के विरोध में अगले दिन छिबरामऊ में सर्व समाज के लोग इकट्ठे हुए और कोतवाली में इंसाफ मांगने के लिए पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ इंसाफ करने की बात की और अस्पताल के ऊपर कारवाई करने की मांग की तो वहां पुलिस ने पीएसी के साथ मिलकर लोगों के ऊपर लाठी चार्ज किया जिस कारण भगदड़ और लाठी की मार के कारण कई लोगों को चोटें आई जिसके कारण लोगों में बहुत रोष है।

घटना बहुत ही दुखद है और पुलिस का लाठी चार्ज करना निंदनीय है बिटिया की असामयिक हुई मृत्यु की वैश्य समाज कड़ी निंदा करता है और सरकार से मांग करती है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए तथा बिटिया के परिजनों को एवं पुलिस की पिटाई से हुए घायलों को समुचित मुआवजा दिया जाए पुलिस द्वारा लाठी डंडों द्वारा पिटाई किए जाने से पता चलता है कि पुलिस भी श्रीकृष्णा अस्पताल के साथ मिली हुई है जिससे की अस्पताल की लापरवाही से हुईं मृत्यु की शिकायत पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज नहीं कर रही है उलटे पीड़ित परिवार पर ही मुकद्दमा दर्ज कर परेशान किया जा रहा है।

श्रीकृष्णा अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना दर्शाता है कि वैश्य समाज के राजेश कुमार गुप्ता को न्याय नहीं मिल रहा है इस सम्बन्ध में यह भी कहना है कि वैश्य समाज की बेटी रुचि गुप्ता उर्फ लाडो 15 वर्ष को न्याय मिले व उनके परिवार एवं पुलिस उत्पीड़न से घायलों को समुचित  मुआवजा भी मिले लापरवाही के लिए दोषी अस्पताल के सभी कर्मचारियों एवं पीड़ित परिवार को पीड़ा पहुंचाने वाले सभी पुलिस कर्मचारियों को जो भी इस घटना में शामिल दोषी हैं उन्हें सरकार द्वारा कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और परिवार के ऊपर दर्ज मुकद्दमा वापस लिया जाए घटना बहुत ही दुखद और निंदनीय है इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से वैश्य समाज के लोग व्यथित हैं एवं तीव्र आक्रोश में भी है जब तक वैश्य समाज की बेटी रुचि गुप्ता को न्याय नहीं मिल जाता तब तक वैश्य समाज बेटी के न्याय की मांग सरकार से करता रहेगा।