धर्मशिला राहत सपोर्टिव & पैलिएटिव केयर ने दिल्ली में पैलिएटिव केयर पर IAPC के साथ वोलंटियर ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया
नई दिल्ली: धर्मशिला राहत सपोर्टिव & पैलिएटिव केयर ने इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैलिएटिव केयर के सहयोग से 12 से 13 नवंबर के बीच वोलंटियरर्स के लिए पैलिएटिव केयर पर दो दिन का ट्रेनिंग कोर्स आयोजित किया। वीकेंड पर आयोजित हुए इस इवेंट को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इसमें 60 लोगों ने नेक काम के लिए वोलंटियर (स्वयंसेवक) के रूप में भाग लिया।
इस इवेंट की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित करके की गई। इसमें दिल्ली/एनसीआर के प्रतिष्ठित अस्पतालों के सभी सम्मानित फैकल्टी को आमंत्रित किया गया। सभी ने देश में पैलिएटिव केयर के महत्त्व और ज़रूरतों को समझने के लिए प्रतिभागियों के साथ जानकारी और अपने अनुभव बांटे। टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई में साइकोलॉजी के प्रमुख डॉ केवी गणपति ने समाज की बेहतरी के लिए इस इवेंट में हिस्सा लेने वाले वोलंटियर को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम में भाग लिया। डॉ. अमित जैन, हेड-पेन एंड पैलिएटिव केयर स्पेशलिस्ट, धर्मशिला राहत के कोर्स कोऑर्डिनेस्टर थे। उन्होंने अपनी मेहनत और सूझबूझ से 2 दिवसीय वोलंटियर ट्रेनिंग कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

इवेंट के पहले दिन स्वागत भाषण धर्मशिला राहत सपोर्टिव & पैलिएटिव केयर सेन्टर के डॉयरेक्टर डॉ एस खन्ना ने दिया। दूसरे दिन पैलिएटिव केयर में आध्यात्मिक समस्याओं, मेडिकल सोशल वर्कर, सामाजिक समस्याओं, रिहैबिलिटेशन, नैतिक मुद्दों, दर्द प्रबंधन और अन्य रोचक चीजों पर चर्चा की गई।
धर्मशिला राहत सपोर्टिव & पैलिएटिव केयर सेन्टर के के डायरेक्टर डॉ एस खन्ना ने देश में पैलिएटिव केयर की जरूरत और ट्रेनिंग पर अपना इनपुट देते हुए कहा, "पैलिएटिव केयर वोलंटियर ट्रेनिंग कोर्स सर्टिफिकेट से लोग इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे और क्रोनिक गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज़ का सहयोग करने के लिए ट्रेंड किए जाएंगे। भारत में 57 लाख लोगों को पैलिएटिव केयर की जरूरत होती है, लेकिन केवल 1 से 2% लोग ही पैलिएटिव केयर की सुविधा पाते हैं। हम यह अच्छी तरह से जानते हैं कि गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को पैलिएटिव केयर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, इसे पूरा करने के लिए मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को पाटने के लिए धर्मशिला कैंसर फाउंडेशन और रिसर्च सेंटर ने हाल ही में उत्तर भारत फर्स्ट स्टैंड अलोन, मल्टीडिसिप्लिनरी, होलिस्टिक, धर्मशिला राहत सपोर्टिव एंड पेलिएटिव केयर सेंटर लांच किया है।"
जो भी व्यक्ति अपना समय समाज की सेवा और कल्याण में खर्च करने के लिए उत्साहित था और मानवता की सेवा करने का उसमे चाव तथा इच्छा थी उन्होने इस ट्रेनिंग कार्यक्रम मे हिस्सा लिया। उन सभी ने धर्मशिला राहत सपोर्टिव एंड पैलिएटिव केयर सेंटर में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया और देश के प्रतिष्ठित फैकल्टी से अनुभव तथा जानकारी इकट्ठा की।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैलिएटिव केयर के अध्यक्ष डॉ सुषमा भटनागर ने कहा, "पैलिएटिव केयर युगों से हमारे सिस्टम में रहा है लेकिन इन दिनों लोग शॉर्टकट पसंद करते हैं और किसी भी एक्यूट या क्रोनिक बीमारी के लॉन्ग टर्म प्रभाव को अनदेखा कर देते हैं। देश मे तरह तरह की बीमारियों से पीड़ित लगभग 57% लोगों को पैलिएटिव केयर की जरूरत होती है। पैलिएटिव केयर से दर्द से नही जूझना पड़ता है। धर्मशिला राहत सपोर्टिव एंड पैलिएटिव केयर सेंटर के साथ साझेदारी करना बहुत अच्छा है, यह एक ऐसा संगठन है जो मदद के लिए एक बेहतर दृष्टिकोण के साथ 24/7 काम करता है। उनकी काबिलियत और स्टाफ के बारे में जानकर हैरानी होती है। उनके सेन्टर में पैलिएटिव केयर स्पेशलिस्ट और नर्स, रिहैबिलीटेशन स्पेशलिस्ट, मनोचिकित्सक और नशामुक्ति विशेषज्ञ हैं और सेंटर में 37 बेड की क्षमता है।"


