जीएसटी अधिकारियों ने एमएसएमई के उद्यमियों को बताया एमनेस्टी के लाभ
खंड सात में 156 बकायेदार उद्यमी व्यापारी चिंहित, अधिकांश पर है न्यूनतम बकाया
नोएडा। सेक्टर-10 स्थित एमएसएमई संगठन कार्यालय में मंगलवार को राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने उद्यमियों को एमनेस्टी से संबंधित लाभ बताकर उन्हें खुद को पोर्टल पर पंजीकृत करने के लिए प्रेरित किया। राज्य जीएसटी विभाग खंड सात के उपायुक्त कृपाल अग्निहोत्री, सहायक आयुक्त विपिन शर्मा ने एमएसएमई संगठन के उद्यमियों को बताया कि उनके खंड में कुल 156 बकायेदार उद्यमियों की सूची तैयार की गई है। जिसमें से 51 उद्यमियों के मामले ऐसे हैं, जिन पर महज 8 हजार रुपये ही विभाग का बकाया है। ऐसे ही अन्य उद्यमी व व्यापारी सूची में शामिल हैं, जिन पर महज चंद रुपये ही बकाया है।

वहीं कुछ ऐसे हैं जिन पर मूलधन से ज्यादा जुर्माना और ब्याज हो गया है। ऐसे में उद्यमियों व व्यापारियों के पास मौका है कि एमनेस्टी योजना के तहत खुद को पंजीकृत कर जुर्माना और ब्याज के बिना ही बकाया भुगतान कर सकेंगे। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि यह योजना 31 मार्च तक संचालित की जा रही एमनेस्टी योजना का लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी विभाग का प्रयास लंबित मामलों में राहत प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी दंड के अपनी बकाया राशि चुका सकें।

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का फायदा उठाकर व्यापारी अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते हैं। बैठक में एमएसएमई विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों को योजना के तहत पंजीकरण के लिए पोर्टल पर जाने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना सीमित समय के लिए है, और व्यापारियों को इसका लाभ जल्द से जल्द उठाने की सलाह दी गई।
इस मौके पर एमएसएमई इंडस्टि्रयल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नाहटा, सुभाष शर्मा, दिलशाद सैफी, शिव कुमार राणा, रमेश राठौर, अनिता मिश्रा, पायल कटियार, अल्ला महर, आर्यन पूरी, शहजाद खान, वीरेंद्र सिंह, सुबोध कुमार, उमेश सिंह, विपिन मलिक, शैलेश सिंह, श्योदान सिंह, राम तीरथ, दिलीप मिश्रा, प्रशांत कुमार, अनर्श सैफी, फहीम खान, भूपेंद्र सेलाकुटी, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।


