यथार्थ हॉस्पिटल की हेल्थ अवेयरनेस की दिशा में बड़ी पहल, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी महत्वपूर्ण जानकारियाँ

यथार्थ हॉस्पिटल की हेल्थ अवेयरनेस की दिशा में बड़ी पहल, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी महत्वपूर्ण जानकारियाँ

यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में किया कम्युनिटी गेट-टुगेदर, 50 से ज्यादा सोसाइटीज के प्रतिनिधियों ने बढ़ाया विश्वास

ग्रेटर नोएडा वेस्ट। स्वास्थ्य सेवा को केवल इलाज की सीमाओं से बाहर निकालकर समाज से जोड़ने की एक मिसाल पेश करते हुए यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा एक्सटेंशन ने शुक्रवार को कम्युनिटी गेट-टुगेदर का आयोजन किया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक सभा नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच था जहाँ नागरिक, डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन एक साथ बैठे, संवाद किया और भरोसे का नया रिश्ता गढ़ा।

50 से ज्यादा सोसाइटीज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बनाया कार्यक्रम को विशेष

ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र से 50 से अधिक रेजिडेंशियल सोसाइटीज के 200 से ज्यादा प्रमुख प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। यह उपस्थिति केवल संख्या नहीं बल्कि उस विश्वास और सहयोग का प्रतीक बनी, जो यथार्थ हॉस्पिटल और स्थानीय समुदाय के बीच स्थापित हो रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा संवाद: डॉक्टर्स से मिला जनता को जवाब

कार्यक्रम में यथार्थ हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी उपस्थिति से इसे और प्रभावशाली बनाया।

डॉ. अनिल कुमार (सीओओ, यथार्थ हॉस्पिटल) ने अस्पताल के विज़न, सेवाओं और समुदाय के प्रति दायित्व की बात की।

डॉ. कृष्ण यादव (कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ) ने हृदय रोगों से बचाव के उपाय और त्वरित चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. उपेंद्र सिंह (न्यूरोलॉजिस्ट) ने मस्तिष्क संबंधी समस्याओं पर लोगों को शिक्षित किया।

डॉ. महेंद्र शर्मा व डॉ. वेंकटेश कुमार (यूरोलॉजी विशेषज्ञ) ने किडनी और मूत्र रोगों से जुड़ी जरूरी जानकारी साझा की।

जनभागीदारी और संवाद को मिला नया आयाम

कार्यक्रम को सफल बनाने में विवेक तिवारी (वाइस प्रेसिडेंट – सेल्स एंड मार्केटिंग) और लवकुश (मार्केटिंग मैनेजर) की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने मंच और समुदाय के बीच सेतु बनकर लोगों के सवालों का उत्तर दिया और भविष्य की भागीदारी की संभावनाओं को मजबूत किया।

यथार्थ हॉस्पिटल के मार्केटिंग लवकुश ने बताया कि प्रतिनिधियों ने न केवल यथार्थ हॉस्पिटल की सेवाओं की सराहना की बल्कि इस प्रकार के आयोजनों को नियमित तौर पर करने की मांग भी की। यह आयोजन स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वजनिक जुड़ाव का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा।