पूर्व माननीय के चक्कर में 90 साल के वृद्ध के साथ जिला अस्पताल में दुर्व्यवहार
गाज़ीपुर माफिया मुख्तार अंसारी का बड़ा भाई और पूर्व सांसद अफजाल अंसारी भले ही सजायाफ्ता होकर जेल में बंद हो जिले में उसकी हालत कम नहीं हुई है बुधवार को जेल में उनकी तबीयत जरा सी या बिगड़ गई मेडिकल कालेज प्रशासन ने उसे भर्ती कराने के लिए पहले उसे उपचार उपचार करा रहे मानिकपुर कला निवासी 90 वर्षीय कमलाकर लाल को बाहर निकाल दिया कमलाकर लाल को तेज बुखार के बाद भर्ती कराया गया था हाल ही में उनके कुल्हे का ऑपरेशन भी हुआ है वह 1 घंटे से अधिक समय तक बाहर स्ट्रक्चर पर पड़े रहें ब्लड प्रेशर और पल्स रेट बढ़ने पर हालत खराब हुई तब कहीं जाकर उन्हें दोबारा भर्ती किया गया वहीं अफजाल को अस्पताल लेने लाने की आवश्यकता नहीं पड़ी डॉक्टरों ने जेल जाकर उसे ड्रिप आदि चढ़ाया और अब वह ठीक है जिले में दौरे पर आए उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को जब इस बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि यह गंभीर प्रकरण है वह मामले में मेडिकल कालेज प्रबंधन से जानकारी लेंगे और इसी के दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करेंगे वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आनंद मिश्रा का कहना है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है वृद्ध मरीज उसी वार्ड में भर्ती है मानिकपुर कला निवासी 90 वर्षीय कमलाकार कमला को तेज बुखार के बाद मंगलवार शाम 5:00 बजे मेडिकल कॉलेज के अस्पताल लाया गया 2 साल पहले दोनों कुल्हे का ऑपरेशन होने के कारण बिना वाकर वह चलने फिरने में असमर्थ हैं इस कारण उन्हें नीचे सेफहाउस में भर्ती कराया गया था बुधवार रात 10:00 बजे मेडिकल कॉलेज के उच्च उप प्राचार्य डॉ नीरज इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाक्टर व स्टाफ आशीष ने बिना चादर बिछाई स्ट्रक्चर पर रखकर उन्हें निकाल दिया उनसे समाजसेवी पुत्र उमेश चंद्र श्रीवास्तव से कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अफजाल अंसारी को इस वार्ड में रखा जाएगा पुत्र ने जब डिस्चार्ज करने की मांग की तो मना कर दिया इस दौरान वह 1 घंटे से अधिक समय तक स्ट्रक्चर पर रहे बेटे का आरोप है कि सेफहाउस से ना जाने पर तीनों लोगों ने अभद्रता करने के साथ ही एफ आई आर की धमकी भी दी तब तक कमल कार लाल की तबीयत बिगड़ने लगी और उनका शरीर ठंडा होने लगा तब दोबारा वार्ड में भर्ती किया गया। आश्चर्य यह है की एक वृद्ध के साथ ऐसा व्यवहार जिला अस्पताल में कैसे हो सकता है।


