सोसाइटी मे सुरक्षा और साइबर क्राइम पर निवासीयो को किया जागरूक
नोएडा। सेक्टर 62 स्थित रजत विहार को ब्लॉक मे साइबर क्राइम एवं सोसाइटी मे सुरक्षा को लेकर नोएडा थाना 58 प्रभारी श्री अमित कुमार ने निवासियो को संबोधन करते हुए साइबर क्राइम से बचने के लिए उपाय बतया उन्होंने कहा की वॉट्सऐप समेत इंटरनेट मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर शेयर बाजार के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में सक्रिय हैं, जो हर दिन निवेशकों को बेहतर रिटर्न का टिप्स देते नजर आते हैं। लेकिन इन विशेषज्ञों से सावधान रहने की जरूरत है। ये साइबर ठग भी हो सकते हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) पर साइबर ठगी की मिल रही शिकायतों में बड़े पैमाने पर शेयर बाजार में बेहतर रिटर्न का झांसा देकर होनी वाली ठगी की है।साइबर ठगी जरा भी आशंका होने पर तत्काल साइबर अपराध की हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबरक्राइमडाटजीओवीडाटइन पर इसकी सूचना देनी चाहिए। इससे संबंधित ठगी के एक्सपर्ट के वीडियो और लिंक को ब्लाक किया जा सकता है और उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए अन्य कदम उठाये जा सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आम लोगों को जोड़ने से लेकर उनके आर्थिक हालात का आकलन करने के लिए एक समर्पित टीम काम करती है। यह टीम संबंधित व्यक्ति की सोशल मीडिया प्रोफाइल का विश्लेषण करती है और उसे ठगी के जाल में फंसाने का तरीका ढूंढती है। ग्राहकों को लुभाने के लिए कॉल सेंटर में युवतियां रखी जाती हैं और फर्जी शेयर बाजार विशेषज्ञों के वाट्सएप ग्रुप बनाए जाते हैं।साइबर सुरक्षा से जुड़े लोगों का मानना है कि शेयर बाजार के नाम पर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। यह ठगी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि जनता का विश्वास भी तोड़ती है। सही जानकारी और जागरूकता ही इस ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
SI साइबर INSPECTOR विष्णु जी ने बताया कि डिजिटल गिरफ्तारी घोटाला एक ऑनलाइन घोटाला है जो पीड़ितों की गाढ़ी कमाई को लूट लेता है। घोटालेबाज़ पीड़ितों को डराते-धमकाते हैं और उन पर गैरकानूनी गतिविधियों का झूठा आरोप लगाते हैं। बाद में वे पैसे की मांग करते हैं और भुगतान करने के लिए उन पर दबाव डालते हैं।
जागरुकता के अभाव में आजकल लोगों के साथ तेजी से स्कैम हो रहे हैं। लोग अनजाने में ऐसी लिंक पर क्लिक कर देते हैं या ऐसे एप डाउनलोड कर लेते हैं और फिर उनका सारा निजी डाटा अपराधियों के पास आ जाता है।इसलिए किसी भी लिंक या एप को डाउनलोड करने से पहले ये जरूर जांच ले कि वो लिंक सही है भी या नहीं।
शेयर मार्केट में निवेश करें तो सेबी से पंजीकृत एप्लीकेशन का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि मार्केट में ऐसे शेयर मार्केट से बहुत सारे फर्जी एप्लीकेशन हैं जो लोगों के निवेश किए गए रुपयों की ठगी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजकल फोन पर पार्ट टाइम नौकरी के बहुत सारे संदेश आते हैं
ये मैसेज केवल ठगी के लिए होते हैं। इसलिए इस तरह के मैसेज पर दी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। उन्होंने कहा कि गूगल पर जब भी किसी वेबसाइट को सर्च करे तो सबसे पहले स्पांसर्ड वेबसाइट आती है, ये स्पांसर्ड वेबसाइट अधिकतर जालसाजों की ओर से तैयार की गई हैं, जो हुबहू मूल वेबसाइट की तरह लगेंगी। इसलिए वेबसाइट सर्च करने के बाद आख मूंद कर वेबसाइट पर क्लिक करने से पहले देख ले कि कहीं ये स्पांसर्ड तो नहीं है।
इसके अलावा सोसाइटी मे कुछ निवासियो के साथ बीते दिनों साइबर क्राइम के शिकार हुए थे उन्होंने ने थाना 58 साइबर टीम को अपनी समस्या से अवगत किया। जिस पर साइबर पुलिस ने जल्द जल्द समस्या सुलझाने का आश्वसंन दिया।
इसी चर्चा के बाद सोसाइटी मे सुरक्षा को लेकर थाना 58 प्रभारी ने निवसायियो को निर्देश दिया की अपने घरों मे काम करने वाली कामवाली का सत्यापन ज़रूर करे और सोसाइटी मे रह रहे किराये दारो का भी सत्यापन अवश्य हो।
रात्रि 10 बजे के बाद यदि कोई निवासी रेस्रा से खाना ऑनलाइन फूड ऑर्डर करता है तो सोसाइटी के गार्ड उसकी जाँच करे पहले और फिर वह निवासी डेलिवरी वाले के पास खुद जाके उनसे अपना समान ले।
इस मीटिंग मे सभी निवासियो ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, इस दौरान ,थाना 58 चौकी प्रभारी सेक्टर 56 सुधीर कुमार, एसआई इंस्पेक्टर विष्णु समेट अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।


