शालिनी सिंह की पहली पुस्तक 'बेबाक हूँ, बेअदब नहीं' का हुआ भव्य विमोचन

शालिनी सिंह की पहली पुस्तक 'बेबाक हूँ, बेअदब नहीं' का हुआ भव्य विमोचन

हिंदी साहित्य में अपनी सशक्त, संतुलित और प्रभावशाली अभिव्यक्ति के लिए पहचानी जाने वाली लेखिका शालिनी सिंह की पहली पुस्तक “बेबाक हूँ, बेअदब नहीं” का भव्य विमोचन दिल्ली, 21 अशोक रोड पर एक गरिमामय और साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन मात्र एक पुस्तक लॉन्च तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विचारों, संस्कारों और सामाजिक चेतना के संगम के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के तुरंत बाद ही यह पुस्तक और शालिनी सिंह का नाम X पर ट्रेंड करने लगा, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और पाठकों के उत्साह को दर्शाता है।

इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कविताएं ही व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में मानसिक रूप से सशक्त बनाती हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति को कवियों की रचनाएं पढ़नी चाहिए और उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि साहित्य ही मनुष्य को संवेदनशील और मजबूत बनाता है। मुझे गर्व है कि आज मुझे अपनी बेटी की लिखी हुई पुस्तक का विमोचन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा, प्रसिद्ध कवि हरिओम पवार तथा पद्मश्री सुनील जोगी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनके करकमलों द्वारा इस पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया। सभी अतिथियों ने शालिनी सिंह की लेखनी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह पुस्तक बेबाक अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें उन्होंने मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखते हुए समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

कार्यक्रम के दौरान संतों का आशीर्वाद भी शालिनी सिंह को प्राप्त हुआ, जिससे आयोजन की गरिमा और अधिक बढ़ गई। इस अवसर पर भावुक होती हुईं शालिनी सिंह ने कहा, “यह पुस्तक मेरे मन के उन विचारों, अनुभवों और संघर्षों का प्रतिबिंब है, जिन्हें मैंने लंबे समय तक महसूस किया और शब्दों में ढालने का प्रयास किया। मेरा उद्देश्य केवल अपनी बात रखना नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना है कि हम बेबाक जरूर बनें, लेकिन अपनी मर्यादाओं और संस्कारों को कभी न भूलें। यदि मेरी यह पुस्तक किसी एक व्यक्ति को भी सकारात्मक सोचने और सच कहने की प्रेरणा देती है, तो मैं अपने प्रयास को सफल मानूंगी।”