सनस्टोन ने उपलब्ध कराई 10 करोड़ की छात्रवृत्तियां महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा और करियर को बना रहीं सुलभ

सनस्टोन ने उपलब्ध कराई 10 करोड़ की छात्रवृत्तियां महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा और करियर को बना रहीं सुलभ

नई दिल्ली/नोएडा: पूरी दुनिया 8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मना रही है, इसी के मद्देनज़र भारत की अग्रणी उच्च शिक्षा कंपनी सनस्टोन ने शिक्षा एवं करियर विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। पिछले छह सालों के दौरान सनस्टोन ने 3000 से अधिक महिला छात्रों को सशक्त बनाया है और उन्हें सहयोग प्रदान करने के लिए छात्रवृत्ति के रूप में रु 10 करोड़ आवंटित किए हैं। ऐसा करके सनस्टोन उच्च शिक्षा एवं रोज़गार में लिंग अंतराल को दूर करने में सक्रिय योगदान दे रही है। 

देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों जैसे बोकारो, भागलपुर, भोपाल, फिरोज़ाबाद, जयपुर, शिमला, बागेश्वर (उत्तराखण्ड) की महिलाएं पेशेवर शिक्षा में उल्लेखनीय प्रयास कर रही हैं, वे नियमों को चुनौती देते हुए अपनी महत्वाकांक्षाओं में बदलाव ला रही हैं। उनकी सफलता की कहानियां शिक्षा की क्षमता, महत्वाकांक्षा और प्रत्यास्थता को दर्शाती है- ये साबित करती हैं कि सही सहयोग एवं अवसर मिलने पर महिलाएं भी सफलता की उंचाईयों तक पहुंच सकती हैं।

महिलाओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों पर उत्साह व्यक्त करते हुए आशीष मुंजाल, सह-संस्थापक एवं सीईओ, सनस्टोन ने कहा, ‘‘सनस्टोन में  हमारा मानना है कि शिक्षा बदलाव लाने वाला सबसे शक्तिशाली माध्यम है। उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी सफलता उनके समर्पण एवं क्षमता का प्रमाण हैं। हम महिलाओं को उद्योग जगत के अनुसार, लर्निंग, कौशल विकास और प्लेसमेन्ट के अवसर प्रदान कर इस बदलाव में सहयोग प्रदान करना चाहते हैं।’ 

‘वास्तव में सनस्टोन में महिलाओं के प्लेसेमेन्ट की बात करें तो उनकी सलेक्शन रेट 36.7 फीसदी अधिक है, इसी तरह कुल प्लेसमेन्ट रेट में भी महिलाओं की संख्या 11.26 फीसदी अधिक है। इन आंकड़ों से साफ है कि अगर महिलाओं को सही संसाधन मिलें तो वे सफलता की उंचाईयों तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं। इस अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम देश  भर की महिलाओं के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने, उन्हें सभी बाधाओं को पार कर सशक्त बनाने और आत्मविश्वास प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।' उन्होंने कहा। 

सनस्टोन के लिए गर्व की बात है कि इनके महिला छात्र न सिर्फ उच्च शिक्षा में दाखिला ले रहे हैं बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में अपने समकक्षों की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। उनकी सफलता आंकड़ों से साफ़ झलकती है, जो उद्योग जगत के लिए उनकी तैयारी, समर्पण और करियर की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हैं।

सलेक्शन की उंची दरेंः प्लेसमेन्ट की बात करें तो महिलाओं की सलेक्शन रेट पुरूषों की तुलना में 36.7 फीसदी अधिक है, जो कार्यबल में उनकी बढ़ती मांग को दर्शाता है।

सक्रिय भागीदारीः महिला छात्र पाठ्येत्तर गतिविधियों, सर्टिफिकेशन और रेज़्यूमे लाईन आइटम में 20 फीसदी अधिक सक्रियता से हिस्सा लेती हैं, जिससे उनका कौशल और रोज़गार क्षमता बढ़ती है।
मजबूत प्रतिबद्धताः उनकी औसत उपस्थिति पुरूषों की तुलना में 9.75 फीसदी अधिक है, उनके समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। 
प्लेसमेन्ट में सफलताः 2023-24 में महिलाओं की प्लेसमेन्ट दर 11.26 फीसदी अधिक  रही, साफ है कि रिक्रुटर्स महिलाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। 

उनकी उपलब्धियां कार्यबल में लिंग समावेशन की ओर बढ़ते रूझानों की ओर इशारा करती हैं, जहां सनस्टोन महिला छात्रों को लीडरशिप और सफलता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
महिला छात्रों का सबसे पसंदीदा कोर्स एमबीए/ पीजीडीएम है, कुल नामांकन में से 45.31 फीसदी नामांकन इसी कोर्स के लिए किए जा रहे हैं। एमबीए के लिए नामांकन करने वाले छात्रों की संख्या बीबीए/बीबीएम की तुलना में 67.93 फीसदी अधिक है, जो दूसरा सबसे ज़्यादा चुना जाने वाला कोर्स है। बी.टेक की शुरूआत 2022-23 में की गई, उम्मीद है कि आने वाले सालों में इस कोर्स के लिए नामांकन करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, और वे इस कोर्स को पूरा करके टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में करियर बना सकेंगी। 

करियर की महत्वाकांक्षा की बात करें तो महिला छात्र एचआर, फाइनैंस और मार्केटिंग में जॉब रोल्स को ज़्यादा महत्व देती हैं।
उच्च शिक्षा के विकास के साथ सनसटोन ऐसे भविष्य को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां महिलाएं न सिर्फ सक्रियता से शामिल हों, बल्कि इनोवेशन के साथ नेतृत्व करते हुए दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनें।