कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल शहीद कमलेश सिंह को  थानाध्यक्ष ने किया नमन

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल शहीद कमलेश सिंह को  थानाध्यक्ष ने किया नमन

गाजीपुर विकासखंड बिरनो क्षेत्र अंतर्गत भैरोपुर गांव निवासी कारगिल शहीद कमलेश सिंह की शहादत दिवस 15 जून को क्षेत्रवासी उनकी प्रतिमा के पास सैकड़ो की संख्या में एकत्रित होकर धूम धाम से माल्यार्पण करके मनाते है उनकी शहादत से प्रेरणा लेने का आह्वान किया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा सभी कारगिल शहीदों की शहादत को याद करने के लिए पूरे देश मे कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है ।इस क्रम में गाजीपुर मुख्यालय में कारगिल शहीद स्मारक जो कि मलेट्री केंटीन में स्तिथ है ।हर वर्ष यहां जिले के आला अधिकारी इकट्ठा होकर शहीद के परिजनों के साथ स्मारक पर माल्यार्पण करके शहीद की शहादत को याद करते थे

लेकिन इस वर्ष ये कार्यक्रम केवल औपचारिकता ही रही ।शहीद कमलेश सिंह का जन्म 15 मई सन 1967 को हुआ था और कमलेश सिंह की तैनाती 457 एफ आर आई भटिंडा में लांस नायक के पद पर हुआ था ऑपरेशन विजय में उनके अदम्य साहस के फलस्वरूप उन्हें सेना मेडल से भारत के राष्ट्रपति ने नवाजा था कमलेश सिंह 15 जून 1999 को कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। आज कारगिल शहीद दिवस के मौके पर जहां क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी भी अनजान बने रहे वही बिरनो थानाध्यक्ष राजेश बहादुर सिंह ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर थाना के समीप बने कारगिल शहीद कमलेश सिंह के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन करते हुए श्रद्धाजलि भी दी एवं कारगिल युद्व के दौरान शहीद हुए सभी वीर शहीदो को नमन करने के उपरान्त राष्ट्रगान भी गाया गया। इस अवसर पर थानाध्यक्ष राजेश बहादुर सिंह ने कहा कि देश की सीमाओ के सुरक्षा में लगे वीर शहीदो ने

कारगिल युद्ध के दौरान अपने प्राणो की आहूति देकर देश की आन बान शान को बचाया तथा भारत माता के मस्तक को झुकने नही दियां आज हम सभी खुलकर सांसे ले रहे हैं और स्वतंत्र रूप से जीवन जी रहे हैं तो इसमें अपने देश के जवानों का महत्वपूर्ण योगदान है हमें बहुत गर्व है कि आज के दिन हमें कारगिल शहीद के आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस मौके पर भड़सर पुलिस चौकी प्रभारी मुन्नालाल शर्मा, उप निरीक्षक ओमप्रकाश यादव, उपनिरीक्षक बृजवासी ,उपनिरीक्षक ओम कुमार पाण्डेय, उप निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह सहित महिला और पुरुष कांस्टेबल मौजूद रहे।