टोनटैग को मिला 7.8 करोड़ डॉलर का बड़ा निवेश, वैश्विक भुगतान और व्यापार अनुभव को नए आयाम देने की तैयारी
भारत की अग्रणी वॉयस-आधारित भुगतान और व्यापार समाधान प्रदाता कंपनी नफ्फा इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड (टोनटैग) ने अपने सीरीज B2 फंडिंग राउंड में 674 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया है। यह फंडिंग प्राइमरी और सेकेंडरी पूंजी का मिश्रण है। इस फंडिंग का नेतृत्व वैल्यूक्वेस्ट एस.सी.ए.एल.ई. फंड और उसके सह-निवेशकों ने किया है, जिन्होंने कुल राशि का 50% से अधिक निवेश किया है। अन्य निवेशकों में आयरन पिलर और एलिवेट इन्फ्लेक्शन कैपिटल एलएलसी शामिल हैं। मौजूदा निवेशक एलिवेट इनोवेशन पार्टनर्स एलएलसी ने भी इस दौर[S2] में भाग लिया है। इस निवेश से टोनटैग अपने ग्राहकों के भुगतान अनुभव को बेहतर बनाने और वैश्विक विस्तार को तेज़ी से आगे बढ़ाने में सक्षम होगा।
हर दिन 3 करोड़ से अधिक इंटरैक्शन के साथ, टोनटैग अपने पेटेंटेड साउंडवेव प्रोटोकॉल का उपयोग कर ग्राहकों को बेहतर और सुचारू सेवाएं प्रदान कर रहा है। इस स्तर पर इसकी स्थिरता यह दिखाती है कि भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पाद कंपनियां बनाने में सक्षम है। टोनटैग के ग्राहक सूची में वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियां और भारत के अग्रणी बैंक शामिल हैं, जो इसे B2B SaaS समाधान के रूप में अपनाते हैं।
नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण टोनटैग ने कई प्रमुख निवेशकों और भागीदारों का विश्वास जीता है। इस फंडिंग का उपयोग कंपनी के संचालन का विस्तार करने, अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने, प्रतिभाशाली कर्मचारियों की भर्ती करने और मार्केटिंग को मजबूत करने में किया जाएगा। इसके अलावा, टोनटैग एशिया, दक्षिण अमेरिका और मध्य पूर्व के नए बाज़ारों में अपने समाधान पेश करने की योजना बना रहा है ताकि वह अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंच सके।
वैल्यूक्वेस्ट के एमडी और प्राइवेट इक्विटी प्रमुख पुष्कर जौहरी ने कहा, "भारत में डिजिटल भुगतान का क्षेत्र तेज़ी से बढ़ रहा है, और हम टोनटैग के साथ साझेदारी करके उत्साहित हैं। टोनटैग की अनूठी वॉयस-आधारित तकनीक, नियामकीय (रेगुलेटरी) और उपभोक्ता प्रमाणन (वैलिडेशन) के साथ मिलकर इसे बाज़ार के अवसरों को भुनाने के लिए एक मजबूत स्थिति में लाती है। वैल्यूक्वेस्ट उन कंपनियों का समर्थन करना पसंद करता है जो नई तकनीक का उपयोग कर व्यावसायिक समाधान विकसित कर वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करती हैं।"
आयरन पिलर के पार्टनर अशोक अनंथाकृष्णन ने कहा, "हम 2017 से टोनटैग पर नज़र रख रहे हैं और कंपनी की बढ़ती ग्राहक सूची, विकास और लाभप्रदता को देखकर उत्साहित हैं। हमें खुशी है कि हम टोनटैग के साथ जुड़कर पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के अगले चरण में साझेदार बन रहे हैं। हमारा मानना है कि टोनटैग भारत में फीचर और स्मार्ट दोनों प्रकार के फ़ोनों में UPI के उपयोग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। आयरन पिलर टोनटैग के साथ मिलकर जीसीसी, दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण अमेरिका जैसे नए बाज़ारों में विस्तार की संभावनाओं को तलाशने के लिए भी उत्सुक है।"


