शिमला में हुआ अनूठे नाटक ‘यूं ही साथ-साथ चलते’ का प्रदर्शन

शिमला में हुआ अनूठे नाटक ‘यूं ही साथ-साथ चलते’ का प्रदर्शन

शिमला के ऐतिहासिक गेटी थिएटर गोथिक हॉल में डॉ. सच्चिदानंद जोशी और मालविका जोशी की कविताओं पर आधारित एक अनूठी नाट्य प्रस्तुति ‘यूं ही साथ-साथ चलते’ का मंचन ‘जश्न ए अदब’ उत्सव के दौरान किया गया। ‘यूं ही साथ-साथ चलते’ की परिकल्पना क्लासिक श्रुति नाटक शैली में की गई है और इसमें संगीत का मिश्रण इस नाटक को खास बनाता है। इस प्रस्तुति को आनंदजीत गोस्वामी द्वारा संगीतबद्ध किया गया है।

यह पहली बार है कि समकालीन कविता पर आधारित ऐसी कोई रचना किसी साहित्य उत्सव में प्रस्तुत की गई है।
कविताओं को नाटक में पिरोकर स्त्री-पुरुष सम्बंधों की बारीकियों को दर्शाने वाले इस नाटक की पटकथा भी डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने लिखी है। खचाखच भरे ऐतिहासिक थियेटर में दर्शकों ने नाटक का खूब आनंद लिया, जमकर सराहना की और एक घंटे पंद्रह मिनट तक चले इस नाटक में वे अपनी सीटों से चिपककर बैठे रहे। दर्शकों में प्रमुख लेखक और कवि भी मौजूद थे।

नाटक में सच्चिदानंद जोशी और मालविका जोशी ने अभिनय किया है। आनंदजीत गोस्वामी, दिव्यम गौड़ और सुकृति ने कविताओं की संगीतमय प्रस्तुति दी। प्रोडक्शन डिजाइन दुष्यन्त जोशी ने किया और तकनीकी सहयोग चन्द्रशेखर और धर्मेश ने दिया।