छठ महापर्व का है आज तीसरा दिन, जाने क्या है विशेषताएं
गाजीपुर छठ पर्व सूर्यदेव और षष्ठी मैया को समर्पित होता है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जाता है। छठ महापर्व का पहला दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। छठ के पहले दिन को नहाय खाय के नाम से बोला जाता है।
आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार दिवाली के बाद छठ पूजा का त्योहार मनाया जाता है। दिवाली पर जहां मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है वहीं छठ पर्व सूर्यदेव और छठी मैया को समर्पित होता है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जाता है। इन चार दिनों तक व्रत रखते हुए कई कठिन नियमों का पालन किया जाता है। छठ पूजा बिहार,बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड राज्य का मुख्य पर्व होता है। छठ पूजा का पर्व दिवाली के 6 दिनों बाद मनाया जाता है। इस सूर्य षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं छठ महापर्व का महत्व और खास बातें

सूर्य उपासना का सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार छठ पूजा माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार,हर वर्ष छठ पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से शुरू हो जाता है छठ पूजा चार दिवसीय पर्व और उत्सव है। छठ पर्व के चार दिनों के दौरान भगवान सूर्य और उनकी बहन मां उषा की पूजा-अर्चना,अर्घ्य और मनोकामनाएं मांगी जाती हैं। छठ पर्व पर भगवान सूर्य के साथ षष्ठी मैया की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को दोनों का आशीर्वाद मिलता है। इन चार दिनों तक चलने वाले महापर्व पर व्रत,धार्मिक अनुष्ठान और मांगलिक कार्य किए जाते हैं। छठ पूजा के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने की विशेष परंपरा निभाई जाती है। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जहां पर सूर्य देव की आराधना डूबते हुए सूर्य को समर्पित करते हुए की जाती है। इसलिए यह त्योहार बहुत ही खास होता है।


