एनसीआर में ग्रैप की समस्या से निपटने में प्रशासन नाकाम, उद्योगों की मांग - विद्युत आपूर्ति हो निर्बाध - कुलमणि गुप्ता
नोएडा। चुनौतियों और उद्योगों का घनिष्ठ संबंध है । कुछ समस्याएँ प्राकृतिक होती है जिनसे सामूहिक रूप से निपटा जा सकता है परन्तु कुछ समस्याएँ जिनका निदान संभव होने पर भी निराकरण नहीं किया जाता, निश्चित ही चिंताजनक है।
इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के पदाधिकारी कुलमणि गुप्ता ने कहा कि हर वर्ष सर्दियां शुरू होने से पहले ग्रैप लागू किया जाता है और जेनरेटर बंद करने का फ़रमान जारी कर दिया जाता है। क्या कभी इस बात का आंकलन किया गया की उद्योग में चलने वाले जेनरेटर से कितना प्रदूषण होता है l शायद 2 प्रतिशत या उससे भी कम । क्या विद्युत आपूर्ति निर्बाध करने पर यह समस्या स्वतः ही समाप्त न हो जाएगी? कौन उद्यमी जनरेटर पर 20 रुपये यूनिट खर्च करना चाहता हैl यह समस्या साल दर साल क्यों चलती जा रही है ? क्या इसका वास्तव में कोई हल है ?
प्रशासन को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता है। सुदृढ़ व्यवस्था और सकारात्मक सोच उत्तर प्रदेश को सही मायनों में उत्तम प्रदेश बनाने में सहायक होगी।


