छात्रों के बीच भारतीय शास्त्रीय सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किया गया समझौता
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) और अंजना वेलफेयर सोसायटी ने छात्रों के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के लक्ष्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते को जीबीयु के रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी और अंजना वेलफेयर सोसायटी की संस्थापिका माया कुलश्रेष्ठ ने हस्ताक्षर किया।
मर्यादा कुलश्रेष्ठ द्वारा स्थापित अंजना वेलफेयर सोसायटी युवाओं के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। संस्थान ने भारतीय धरोहर के लिए समर्पित विभिन्न पहलों का संचालन किया है।जीबीयू के कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार सिन्हा ने समझौते के प्रति आशावाद व्यक्त किया और कहा की इस समझौते का बहुआयामी उद्देश्य है।
इसे छात्रों के बीच सांस्कृतिक मानसिकता को विकसित करने की संभावना को महत्व देते हुए कहा कि “यह समझौता आगामी शैक्षिक सत्रों में भारतीय शास्त्रीय संगीत में प्रमाणपत्र और डिप्लोमा के पाठ्यक्रमों को छात्रों के लिए लायी जायेगी,”।
सहयोग के शैक्षिक पहलू को उजागर करते हुए, जीबीयू के डीन एकेडेमिक्स प्रो. एन. पी. मेलकानिया ने विश्वविद्यालय और अंजना वेलफेयर सोसायटी के बीच मुख्य उद्देश्यों पर जोर दिया। “हम वर्कशॉप्स, शिक्षा-अध्ययन कक्षाओं, और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए एकजुट हैं,” उन्होंने टिप्पणी की।डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने भारत सरकार द्वारा भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने पालिसी की सराहना की और उम्मीद जताई कि इस समझौते का जीबीयु के छात्र समुदाय यह मकसद हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“यह साझेदारी विश्वविद्यालय के कुलपति का ब्रेन चाइल्ड है इस समझौते से विश्वविद्यालय के छात्र समुदाय के बीच हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित और प्रसारित करने के राष्ट्रीय प्रयासों से मेल भी खाती है।संस्था के सचिव माया कुलश्रेष्ठ ने कहा कि भारतीय कला एवं भारतीय संस्कृति को युवाओं तक पहुंचाने के लिए यह एक अच्छा निर्णय है ,जिसमें उन्हें भारतीय कला एवं संस्कृति को एक शुद्ध रूप से सिखाया जाएगा और, साथ ही साथ मंच प्रदान किया जाएगा और यूजीसी रिकॉग्नाइज्ड डिग्री डिप्लोमा या डिग्री भी दी जाएगी ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि अंजना वेलफेयर सोसाइटी के साथ गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी ने पूरे उत्तर प्रदेश के लिए यह एक सुंदर सोच रखी ,क्योंकि कला संकाय में कला विभाग में यूजीसी रिकॉग्नाइज्ड डिग्री, डिप्लोमा अभी उतना आसान नहीं है
संस्था के अध्यक्ष मनीष कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हमारी यह सोच है कि जैसा कि आजकल का माहौल है जिसमें वोकेशनल कोर्सेज का ज्यादा महत्व है, तो भारतीय कलाओं एवं उनके महत्व को ध्यान में रखते हुए अंजना वेलफेयर सोसाइटी एवं गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी इस तरह की कोर्सेज लागू करने जा रहे हैं जो कि भारतीय शिक्षा प्रणाली के तहत होंगे जिसमें रोजगार के उत्तम अवसर वह पा सकते हैं।
कार्यक्रम गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रो. रवींद्र कुमार सिन्हा, कुलपति; प्रो. एन. पी. मेलकानिया, डीन एकेडेमिक्स; डॉ. इंदु उप्रेती, डीन प्लानिंग और रिसर्च; के साथ ही अन्य विश्वविद्यालय के अधिकारी और समिति सदस्यों ने भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में माया कुलश्रेष्ठ और अंजना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।


