वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का जिलाश प्रशिक्षण वर्ग हुआ आयोजित

वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का जिलाश प्रशिक्षण वर्ग हुआ आयोजित

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन संस्कार पक्ष तथा मां भारती के चित्र के सम्मुख पुष्प अर्पण कर किया गया।
प्रशिक्षण वर्ग में विश्व हिंदू परिषद् के केंद्रीय सहमंत्री एवं संगठन प्रभारी श्री वीरेंद्र जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में प्रतिभा केंद्रों के आचार्य और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम अच्छे सनातनी हिंदू बनें। परिवार में परिजनों से स्नेह, समर्पण,आध्यात्मिकता पर विमर्श करें।

संतान  के व्यक्तित्व विकास के लिए समग्र चिंतन मनन को सजग रहें। उन्होंने कहा कि पहले संयुक्त परिवार में सुख पूर्वक रहते हुए हमें लव जिहाद जैसी समस्या कम ही दिखाई देती थी। आज परिवारों के विघटन से समाज में वृद्ध आश्रम बढ़ते जा रहे हैं। यह हमारे सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों का ह्रास ही तो है। उन्होंने कहा कि मानवता के अमूल्य गुण ग्रहण करने से सनातन पुष्ट होगा तथा सनातन पुष्ट होने से परिवार सुखी संपन्न होगा। स्वस्थ शरीर, संयमित मन, जागृत बुद्धि और पवित्र आत्मा यह सभी मानव जीवन के अति महत्वपूर्ण घटक हैं। जागृत समाज के प्रमाणित व्यक्तित्व, सामाजिक सांस्कृतिक संस्थाएं, मंदिर ही हिंदुओं के दान के योग्य पात्र हैं। दान करते हुए मनुष्य को अपने बुद्धि और विवेक का प्रयोग करना चाहिए। आगामी सितंबर माह से प्रारंभ होने वाले राष्ट्र रक्षा यज्ञ की कार्ययोजना पर विमर्श हुआ तथा पांच नगरों में नगर समिति के गठन और नए प्रतिभा विकास केंद्र प्रारंभ करने  का संकल्प लिया गया। 

कार्यक्रम को कल्याण मंत्र एवं समस्त हिंदू समाज के कल्याण के लिए  हवन यज्ञ के साथ समापन किया गया। प्रशिक्षण वर्ग में राजेश दत्ता, मयूर कालरा, वीरेंद्र सिंह, प्रो विवेक कुमार, पवन अग्रवाल, किसलय, संदीप गोयल, डॉ नीरज कौशिक, डॉ निधि माहेश्वरी, जितेंद्र सिंह, भोला ठाकुर, अमित शर्मा, ब्रजेश, पंकज शर्मा, भरत सिंह, शैलजा, ज्योति सिंह, सरोज सिंह, राकेश बैसोया, निर्मल, राजीव रंजन, सविता, भारती, प्रवेश, संदीप, माया कर्ण आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।