एमिटी के वैज्ञानिक डा वी. के. जैन द्वारा विकसित की गई तकनीक ‘एमी एक्वा टेस्टर’ पर बना उत्पाद हुआ लांच

एमिटी के वैज्ञानिक डा वी. के. जैन द्वारा विकसित की गई तकनीक ‘एमी एक्वा टेस्टर’ पर बना उत्पाद हुआ लांच

नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय के डायरेक्टारेेट ऑफ इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर द्वारा एमिटी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा वी के जैन और उनकी टीम द्वारा विकसित किये गये तकनीक ‘‘ एमी एक्वा टेस्टर फॉर डिटेक्शन ऑफ क्रोमियम इन वाटर’’ को गाजियाबाद के ग्लोरिसा टेक्नोवेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को तकनीकी हस्तांतरण किया गया था जिसको और अधिक उन्नत करके आज उस तकनीक पर आधारित प्रोडक्ट लांच किया गया।

इस समारोह में गाजियाबाद के ग्लोरिसा टेक्नोवेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहसंस्थापक संदीप अग्रवाल, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, एमिटी साइंस टेक्नेालॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती और एमिटी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस रिसर्च स्टडीज (मैटेरियल एंड डिवाइस) के प्रोफेसर डा वी.के. जैन द्वारा प्रोडक्ट लांच किया गया।

ग्लोरिसा टेक्नोवेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहसंस्थापक संदीप अग्रवाल ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय जैसे प्रख्यात संस्थान के साथ कार्य करना एक बेहतरीन अनुभव रहा है जिस तरह एमिटी के वैज्ञानिक पेशेवर व शोध उन्मुख है उस तरह शायद ही किसी अन्य संस्थान के वैज्ञानिक होगे। तकनीकी विकसित करने के साथ उसका हस्तांतरण और प्रोडक्ट निर्माण के विभिन्न स्तरों पर उनका महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। संदीप अग्रवाल ने कहा कि यह उत्पाद जल में क्रोमियम की जांच करने में सहायक होगा जो समाज के लिए स्वच्छ जल की उपलब्धता और प्रदूषण की रोकथाम को सुनिश्चित करेगा।

एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि यह प्रोडक्ट लांच, अकादमिक और उद्योग को साथ लेकर आया है जो समाज के लोगों के लिए कार्य कर रहे है। एमिटी सदैव बेहतर जीवन के लिए समस्याओं के निराकरण को प्रदान करता है। इस तकनीकी से बना उत्पाद जल को क्रोमियम जैसे तत्वों की जांच करने में सहायता प्रदान करेगा जिससे जल को स्वच्छ किया जा सके। एमिटी में हमारा विश्वास है कि किसी भी तकनीकी का महत्व तभी है जब उसके उत्पाद का लाभ आमजन को प्राप्त हो।

एमिटी साइंस टेक्नेालॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने आज दिन हमारे लिए अत्यंत प्रसन्नता का दिन है जब एमिटी के वैज्ञानिक द्वारा विकसित की गई तकनीकी पर आधारित उत्पाद को लांच किया जा रहा है। एमिटी शोध व नवाचार का केंद्र है जहां समाज की समस्याओं को पहचानकर उनके निवारण हेतु या आमजन की आवश्यकताओं हेतु तकनीकी विकसित की जाती है। इस तकनीक को उद्योगों की सहायता से उत्पाद में विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

एमिटी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस रिसर्च स्टडीज (मैटेरियल एंड डिवाइस) के प्रोफेसर डा वी. के. जैन ने कहा कि किसी भी नई उत्पाद या तकनीकी के लिए बहुविषयक दृष्टिकोण आवश्यक है और इसी दृष्टिकोण और एमिटी में उपलब्ध संसाधानो की सहायता से मैटेरियल, तकनीकी और उत्पादों को विकसित किया जाता है।

डा जैन ने कहा कि इस एमी एक्वा टेस्टर तकनीक को हमने प्रयोगशाला में विकसित किया है उसका तकनीकी हस्तांतरण हुआ इसके उपरांत ग्लोरिसा टेक्नोवेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उत्पाद के लिए बनाने और अधिक उन्नत किया गया है।

इस अवसर पर डायरेक्टारेेट ऑफ इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की डिप्टी डायरेक्टर डा मीनाक्षी कनौजिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम में एमिटी विश्वविद्यालय के डा डा नीरज शर्मा, डा ए. के. सिंह, डा सुनिल खत्री, डा गोपाल भूषण, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस रिसर्च स्टडीज (मैटेरियल एंड डिवाइस) के वैज्ञानिक डा अभिषेक वर्मा आदि उपस्थित थे।