बिजली की प्रस्तावित दरों मे वृद्धि किए जाने पर रोष - नरेश कुच्छल

बिजली की प्रस्तावित दरों मे वृद्धि किए जाने पर रोष - नरेश कुच्छल

नोएडा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, मेरठ द्वारा बिजली की प्रस्तावित दरें 15.85% से  23% तक वृद्धि किए जाने पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई ने कड़ा ऐतराज जताया है।

शनिवार को नोएडा सेक्टर 5 स्थित हरौला में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की एक अहम बैठक में अध्यक्ष नरेश कुच्छल व चेयरमैन रामअवतार सिंह ने कहा कि प्रस्तावित बिजली की दरें 15.85% से 23% तक वृद्धि किए जाने पर व्यापारियों, उद्यमियों सहित आम जनता पर महंगाई  का भारी बोझ बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि अन्य पड़ोसी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तराखंड की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में विद्युत की दरें पहले से ही अधिक है। जबकि बिजली कंपनियों द्वारा नियामक आयोग को दी गई 15.85 प्रतिशत से 23% तक वृद्धि के साथ प्रस्तावित दरों के लागू होने पर उपभोक्ताओं का जीना मुहाल हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि वाणिज्य (एलएमबी -2)  उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज के अलावे मिनिमम दोनों चार्ज वसूले जा रहे हैं। इससे वाणिज्य ( एलएमबी -2) के उपभोक्ताओं की बिजली दरें पूर्व से ही सबसे महंगी है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली की दरें और अधिक बढ़ाई जाती है तो उससे प्रदेश के उद्योग व व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 
उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद अब व्यापारी, उद्यमी किसी तरह अपने कारोबार को संभाला है। पर, सरकार द्वारा निरंतर किसी न किसी क्षेत्र में मूल्य वृद्धि किए जाने के कारण लोगों को सरकार से निराशा हाथ लग रही है। जबकि चुनाव के दौरान बिजली सस्ती देने की बात कही गई थी। उन्होंने मीडिया के माध्यम से प्रदेश के योगी सरकार से और उप निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, मेरठ  से तत्काल प्रस्तावित बिजली मूल्य वृद्धि को वापस करने व बिजली बिलों से  प्रीमियम चार्ज को समाप्त करने की मांग की है।

इस मौके पर अध्यक्ष नरेश कुच्छल, चेयरमैन रामअवतार सिंह, दिनेश महावर वरिष्ठ महामंत्री, मनोज भाटी वरिष्ठ महामंत्री, संदीप चौहान वरिष्ठ महामंत्री,  सत्यनारायण गोयल, मूलचंद गुप्ता, सुशील सिंघल, पीयूष वालिया, महेंद्र कटारिया, सोनवीर, बृजमोहन राजपूत, राधेश्याम गोयल, पंडित केशव सहित अन्य व्यापारी वर्ग उपस्थित थे।