सरकारी मीडिया समूह का फ्री डिश ओटीटी प्लेटफॉर्म लांच फिर टल गया!
देश में सबसे पहले टीवी सिग्नल लाने वाले सरकारी मीडिया समूह का फ्री डिश ओटीटी प्लेटफॉर्म एक बार फिर से लांच नहीं हो पाया। पहले कहा गया कि 15 अगस्त को होगा, फिर चर्चा हुई 2 अक्टूबर की, और अब 7 अक्टूबर भी चुपचाप निकल गया, लेकिन आये न बालम। अब ये लांच कब होगा ? आखिर ये लांच होगा कब? तो ऐसा है भईया कि अभी तो नाम भी फाइनल नहीं हुआ है। इहाँ बवाल मचा हुआ है और आपको लांच की पड़ी है? दरअसल, इसके पीछे की कहानी किसी मसालेदार टीवी सीरियल से कम नहीं है!
कहने को इस मीडिया समूह को चलाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का भारी भरकम अमला है। मंत्री जी हैं, सबसे बड़े साहेब हैं, फिर बड़े साहेब हैं, बड़े - बड़े अनुभवी अधिकारी हैं, और इन सबके ऊपर एक सुपर पावर भी है, लेकिन असली जलवा तो सुपर CEO मैडम का ही है। अब मैडम ठहरीं बड़े साहब की करीबी तो जाहिर है चलेगी तो उनकी ही। साहेब और सुपर सीईओ का रिश्ता कोई नया नहीं है। वर्ष 2018 - 19 में जब साहब अपने स्टेट कैडर में थे तभी से इस सुपर सीईओ और उनकी प्राइवेट कंपनी को प्रमोट कर रहे हैं। फिर जब दिल्ली में एक मंत्रालय में आये तो वहां भी इस कंपनी को ठौर मिला। और अब, साहब की कृपा से, मैडम की कंपनी को ओटीटी प्लेटफार्म के इंटीग्रेशन, वेंडर प्रबंधन, और कंटेंट ट्रांज़िशन का जिम्मा सौंपा गया है।
अब यहां असली ट्विस्ट ये है कि अब तक शिक्षा और सीएसआर के क्षेत्र में काम करने वाली सुपर सीईओ मैडम का ओटीटी या एंटरटेनमेंट से कोई लेना-देना नहीं रहा है! लेकिन कहते हैं न, अल्लाह मेहरबान तो गधा भी पहलवान। मैडम अब हर रोज़ इनफार्मेशन सर्विस के 30 साल से भी ज़्यादा अनुभवी अधिकारियों को ज्ञान दे रहीं हैं। और उनसे सवाल करने की किसी में कोई हिम्मत नहीं है।
मैडम अब 30 साल से ज़्यादा अनुभवी अधिकारियों को रोज़ ज्ञान दे रही हैं, और कोई उनसे सवाल करने की हिम्मत भी नहीं कर सकता। सुनने में तो ये भी आया है कि सुपर सीईओ मैम के इशारे पर एक दो बार साहब ने ऑनलाइन मीटिंग में ही विभाग के बड़े अधिकारियों को डांट पिला दी। जिससे अधिकारियों में निराशा और कुंठा है। जबकि चैनल के अपने अधिकारियों का कंटेंट बनाने, कंटेंट बनवाने और वेंडर प्रबंधन का अच्छा खासा अनुभव है लेकिन साहब तो साहब हैं, अब बिल्ली के गले में घंटी बांधे कौन? सबसे बड़े वाले साहेब भी अभी तेल और तेल की धार देख रहे हैं। इसलिए वो तो इसे रोकने से रहे।
इस सब के बीच, चार बड़े प्राइवेट चैनल्स ने इस प्लेटफॉर्म पर आने से साफ मना कर दिया है। लेकिन असली सवाल वही है—लांच कब होगा? लोग चर्चा में लगे हैं कि आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है। कहीं ये लांच सिर्फ नाम का होगा या फिर कोई बड़ा धमाका आने वाला है? वैसे सुपर सीईओ मैम की ख्वाहिश है कि इसका लांच मुंबई के जिओ कन्वेंशन सेंटर में सितारों के बीच खूब ताम - झाम से हो। लेकिन साहेब की भी तो सीमा है। खैर, हम तो बस इंतजार ही कर सकते हैं। कहते हैं न, सब्र का फल मीठा होता है... लेकिन यहां इंतजार का फल क्या निकलेगा, ये देखना बाकी


