प्राधिकरण की मिलीभगत से शहर को लूट रहा पार्किंग माफिया
सेक्टर 33 आरटीओ ऑफिस में पकड़ा रहे ट्रक की पर्ची , ले रहे कई गुना दाम
नॉएडा। शहर में रोज़ पार्किंग को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं , इसका मुख्य कारण प्राधिकरण की विवादस्पद नीतियां हैं , जिसमें सिर्फ पैसा कमाने की लालसा रहती है जबकि जनहित शून्य के करीब होता है। नॉएडा के समाजसेवी एवं नॉएडा विलेज रेसिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रंजन तोमर द्वारा कुछ अहम् सवाल प्राधिकरण पर उठाये हैं , यह स्वयं उनके साथ हुई घटना और तथ्यों पर जानकारी निकालने के बाद सामने आये सत्य हैं।
कारों को दे रहे बस और ट्रक की पर्चियां
सेक्टर 33 आरटीओ कार्यालय के सामने की पार्किंग में तो खुले आम लूट चल रही है , जहाँ कारों को बस और ट्रक की पर्चियां दी जा रही हैं , आम जनता का पर्ची लेते समय उसपर ध्यान नहीं जाता , जब वापसी में पैसे पूछे जाते हैं तो पता चलता है की कैसी लूट चल रही है।
चालीस रुपए प्रथम लिखकर चल रहा खेल
पर्ची पर जान बूझकर चालीस रुपए प्रथम लिखकर छोड़ दिया गया है , जिससे चालीस रुपए प्रथम घंटा अथवा प्रथम दो घंटे के बदले एक ही घंटे के चालीस रुपए वसूली की जा सके। इसके बाद प्रत्येक घंटा बीस रुपए लिए जाते हैं , इसके आलावा वहां खड़े अटेंडेंट द्वारा भी गर्मी में खड़े रहने के अलग से पचास रुपए मांगकर सोने पर सुहागा कर दिया जाता है। दो से तीन घंटों का शुल्क दो सौ रुपए बताया जाता है जिसका गणित भी ठीक नहीं बैठता और इसके बाद वहां आयी जनता या तो पूरा पैसे दे देती है या बीच में कहीं जो की शुल्क से अधिक तो हमेशा होता ही है। ऐसा नहीं हो सकता के प्राधिकरण को इतने बड़े खेल की जानकारी न हो , इसलिए उसकी संलिप्पता निश्चित ही संदिग्ध है।
नॉएडा प्राधिकरण सीईओ को चाहिए की इस संगठित लूट पर लगाम लगाए , पार्किंग के दामों और पर्चियों में एक रूपता लाये और पार्किंग के ठेकेदारों की शिकायत एवं उनके निस्तारण की प्रणाली को आसान बनाये अन्यथा यह लूट चलती रहेगी।


