इंडो–अल्बानियन डिस्कवरी चैलेंज, छात्रों को मिला वैश्विक सोच का मंच

इंडो–अल्बानियन डिस्कवरी चैलेंज, छात्रों को मिला वैश्विक सोच का मंच

दिल्ली-एनसीआर के 30 से अधिक प्रतिष्ठित स्कूलों के 200 से ज्यादा छात्रों ने की भागीदारी,

नई दिल्लीदिल्ली पब्लिक स्कूल-मथुरा रोड, दिल्ली में इंडो–अल्बानियन डिस्कवरी चैलेंज का सफल आयोजन किया गया जिसमें दिल्ली-एनसीआर के 30 से अधिक प्रतिष्ठित स्कूलों के 200 से ज्यादा छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहल का संयुक्त आयोजन भारत में अल्बानिया गणराज्य के मानद वाणिज्य दूतावास और डीपीएस मथुरा रोड द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में डीपीएस ग्रेटर नोएडा को विजयी घोषित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में वैश्विक सोचसांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की समझ को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को अल्बानिया देश की संस्कृतिविरासत और वैश्विक परिदृश्य से परिचित कराया गया।

इस मौके पर कई जाने-माने गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे जिनमें पर भारत में अल्बानिया के मानद महावाणिज्य दूत श्री दिक्षु सी. कुकरेजाभारत सरकार के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी श्री आनंद प्रकाश, सीबीएसई बोर्ड मैनेजमेंट के सदस्य तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल मथुरा रोड के प्रिंसिपल डॉ. राम सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डीपीएस-मथुरा रोड के प्रिंसिपल डॉ. राम सिंह ने कहा कि इस तरह की पहल से छात्रों को पाठ्यपुस्तकों से आगे जाकर वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

पहल पर बोलते हुए भारत में अल्बानिया के मानद महावाणिज्य दूत श्री दिक्षु सीकुकरेजा ने कहा कि कम उम्र में छात्रों से जुड़ना देशों के बीच सेतु बनाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। इंडोअल्बानियन डिस्कवरी चैलेंज केवल एक क्विज़ नहीं हैल्कि यह छात्रों के लिए अपने दृष्टिकोण का विस्तार करनेविभिन्न संस्कृतियों को समझने और वैश्विक नागरिकता की भावना विकसित करने का अवसर है। बाल्कन क्षेत्र का उभरता हुआ यूरोपीय राष्ट्र अल्बानिया शिक्षासंस्कृतिपर्यटन और जनसंपर्क के क्षेत्रों में भारत के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है।“ 

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी श्री आनंद प्रकाश भी इस अवसर पर मौजूद रहे जिनकी मौजूदगी ने भारत के अंर्तराष्ट्रीय संबंधों को मज़बूत बनाने में लोगों के बीच जुड़ाव और एजुकेशनल डिप्लोमेसी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा उन पहलों के लिए लगातार समर्थन को उजागर किया जो बुनियादी स्तर पर विश्वस्तरीय समझ और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देते हैं।

यह कार्यक्रम आज की शिक्षा में ग्लोबल एक्सपोजर के बढ़ते महत्व को दिखाता है। कार्यक्रम का समापन छात्रों और अतिथियों के संवाद के साथ हुआ जिससे प्रतिभागियों में अंतरराष्ट्रीय समझ और सांस्कृतिक विविधता के प्रति जागरूकता और अधिक मजबूत हुई।