इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में बाउल संगीत और परम्परा पर दो दिवसीय आयोजन
नई दिल्ली। यूनेस्को की “मानवता की मौखिक और अमूर्त विरासत की उत्कृष्ट कृतियां” सूची में शामिल बाउल संगीत व परम्परा पर नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में दो-दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, दातृ फाउंडेशन और एकतारा कलारी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन शुक्रवार, 7 अक्तूबर को शाम 4 बजे होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन “महाभारत” में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली प्रसिद्ध सिने अभिनेत्री व राजनेत्री रूपा गांगुली करेंगी। प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि होंगी, जबकि अध्यक्षता कला केंद्र के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय करेंगे। कार्यक्रम की संकल्पना कात्यायनी अग्रवाल ने की है।

कला केंद्र के जनपद संपदा विभाग के प्रमुख डॉ. के. अनिल कुमार और मीडिया नियंत्रक श्री अनुराग पुनेठा ने बताया कि पहले दिन पुस्तक का विमोचन होगा और प्रसिद्ध बाउल कलाकार पार्वती बाउल और अभिषेक बसु पुस्तक का परिचय प्रस्तुत करंगे। उसके बाद पार्वती बाउल और सिद्धहस्त बाउल कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। दूसरे दिन, 8 अक्तूबर को कार्यक्रम की शुरुआत पूर्वाह्न 11 बजे पार्वती बाउल की प्रदर्शनी के अवलोकन से होगी। इसके बाद बाउल परम्परा पर पार्वती बाउल अपनी प्रस्तुति देंगी। अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दो वृत्तचित्रों- “इन सर्च ऑफ द मैन ऑफ हार्ट” और “द पाथ ऑफ सहजियाज” का प्रदर्शन होगा। उसके बाद पैनल चर्चा और प्रश्नोत्तर का सत्र होगा। कार्यक्रम का अंतिम सत्र शाम 6 बजे से 8 बजे तक होगा, जिसमें मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं विदेश राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी होंगी। इस सत्र में पार्वती बाउल के साथ दूसरे बाउल कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।


