वार्षिक सम्मेलन एवं पिछड़ा वर्ग प्रतिभा सम्मान समारोह 10 नवंबर को

वार्षिक सम्मेलन एवं पिछड़ा वर्ग प्रतिभा सम्मान समारोह 10 नवंबर को

नोएडा। अति पिछड़ा वर्ग वेलफेयर एसोसिएशन पिछड़ा वर्ग के जागरूक लोगों का एक संगठन है, जिसका गठन 20 जून 2017 को हुआ था। संस्था का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लोगों को समाज की मुख्य धारा में लाना है।

संस्था के अध्यक्ष दरवेश कुमार ने बताया कि हमने 2020 में एक मैगजीन का विमोचन किया था जिसमें स्वयं का रोजगार करने वाले लोगों का विवरण पब्लिश किया। क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को रोजगार मिल जाता है तो उसका जीवन स्वयं ही सुगम और सरल हो जाता है तथा उसे अन्य किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

इसी को आगे बढाते हुए 2022 में हमने पिछड़ा वर्ग की आवाज को संसद तक पहुचानें के लिए वार्षिक सम्मेलन एवं बुजुर्ग सम्मान समारोह में राष्ट्रिय पिछडा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष डॉ लोकेश कुमार प्रजापति व अन्य मुख्य अतिथियों को अपना मांग पत्र दिया था। जिस पर उन्होने अपना समर्थन दिया व हमारी मांगो को भारत सरकार को लागू करने के लिए भेजा।

इस समय भारतवर्ष में जो भी रोजगार के साधन है उसमें रेफरेंस एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। पिछड़ा वर्ग के लोग अत्यधिक शिक्षित एवं योग्य होने के बावजूद भी अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं उसमें हमारा संगठन रिफरेंस के द्वारा उनकी मदद कर रहा है। भारत भार सरकार के द्वारा पिछड़ा छड़ा वर्ग के उत्थान के लिए जो सरकारी योजनाएं चल रही हैं उनके बारे में भी हम लोगों को जागरुक कर रहे हैं और उनको उनका लाभ दिलवाने में मदद कर रहे हैं।

पिछड़ा वर्ग का व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम न होने के कारण उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहा है इसके लिए हम केंद्र ओर प्रदेश सरकार से उनके लिए ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए मांग कर रहे हैं कि उनकी शिक्षा का खर्चा समाज कल्याण विभाग शिक्षण संस्थाओं को दे।

पिछड़ा वर्ग के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार ने जो 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था शिक्षा रोजगार में की है हम उसे लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद में भी लागू करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

जैसा कि विदित है कि भारत के संविधान द्वारा आवंटित सदन मे 543 सीट हैं जिसमें 131 सीट अनुसूचित जनजाति और 84 सीट अनुसूचित, जनजाति के लिए आरक्षण है परंतु पिछड़ा वर्ग के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं है।

हमारी मांग है कि सदन में कुल 147 सीटे 27% OBC वर्ग के प्रतिनिधियों के लिए आरक्षित होनी चाहिए।

इसके लिए हम एक व्यापक कार्य योजना बनाकर, प्रधानमंत्री और महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिख रहे हैं। जिसमें समाज के वरिष्ठ नागरिक हमारा सहयोग कर रहे हैं और विगत वर्षों की तरह इस बार भी संगठन का वार्षिक सम्मेलन एवं पिछड़ा वर्ग प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन 10 नवंबर किया जाएगा।