एमिटी विश्वविद्यालय में यूरोपीय संघ अनुसंधान और नवाचार सूचना दिवस का किया गया आयोजन

एमिटी विश्वविद्यालय में यूरोपीय संघ अनुसंधान और नवाचार सूचना दिवस का किया गया आयोजन

यूरोप में अनुसंधान और वित्तपोषण के अवसरों की दी गई जानकारी

एमिटी फांउडेशन फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एलायस द्वारा यूरेक्सेस यूरोपीय संघ के सहयोग ‘‘यूरोपीय संघ अनुसंधान और नवाचार सूचना दिवस - यूरोप में अनुसंधान और वित्तपोषण के अवसरों की खोज’’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न यूरोपीय देशो के प्रतिनिधियों द्वारा यूरोपीय देशो में अनुसंधान, नवाचार, शिक्षण के अवसरों की विस्तृत जानकारी एमिटी विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और छात्रों को प्रदान की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ भारत में यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल के अनुसंधान व नवाचार अनुभाग के प्रमुख एवं प्रथम कांउसलर पियरिक फिलोन आशिदा, एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, यूरेक्सेस के कंट्री कोआर्डीनेटर डा सम्राट एस कुमार, एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती और एमिटी गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिदंर सिंह द्वारा किया गया।

भारत में यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल के अनुसंधान व नवाचार अनुभाग के प्रमुख एवं प्रथम कांउसलर पियरिक फिलोन आशिदा ने कहा कि यूरेक्सेस करियर विकास, आपके कौशल को बढ़ाने के लिए उपकरण, और आपके अगले बड़े अवसर के लिए स्थानांतरित करने में ठोस सहायता प्रदान करता है। चाहे आप अपने शोध पथ या वैज्ञानिक व्यवसाय के किसी भी चरण में हों, यूरेक्सेस सूचना और सहायता के लिए एक व्यापक करियर और नवाचार केंद्र है। 43 यूरोपीय देशों और 9 विश्वव्यापी केंद्रों के साथ, यूरेक्सेस शोधकर्ताओं की गतिशीलता और करियर विकास को बढ़ावा देने के लिए सबसे बड़ी पैन-यूरोपीय पहल है। हम यूरोप और वैश्विक समुदाय के बीच वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करते हैं, जिससे दुनिया भर के शोधकर्ताओं के लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खुलते हैं।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रदान की गई जानकारी और ज्ञान हमारे शोधार्थियों ओर छात्रों के लिए बेहद लाभदायक होगा। एमिटी कई यूरोपीय संस्थानों के साथ अनुसंधान व अकादमिक सहयोग कर रहा है जिससे छात्र लाभांवित हो रहे है। एमिटी सदैव छात्रों व शोधार्थियो को वैश्विक अनवारण अवसर प्रदान करता है जिससे वे वैश्विक स्तर पर विकास कर सके। आज कई प्रमुख विषयों जैसे सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वास्थय आदि पर अनुसंधान कार्यक्रमों का संचालन एमिटी में हो रहा है क्योकी हमारा विश्वास है कि अनुसंधान का लाभ केवल एक देश को नही बल्कि सारे विश्व को प्राप्त होता है। इस सहयोग के माध्यम से हमारे छात्रों को यूरोपीय देशों और वहां के छात्रों को एमिटी में आने का अवसर प्राप्त होगा।

यूरेक्सेस के कंट्री कोआर्डीनेटर डा सम्राट एस कुमार ने कहा कि होराइज़न यूरोप 2021-2027 अनुसंधान और नवाचार के लिए यूरोपीय संघ का प्रमुख वित्त पोषण कार्यक्रम है, जिसका बजट 95.5 बिलियन यूरो है। इसका उद्देश्य जलवायु, स्वास्थ्य और डिजिटल चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग से निपटना है और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करना है। इसका मिशन वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार, प्रतिस्पर्धात्मकता और विकास को बढ़ावा देना है, और यह दुनिया भर के शोधकर्ताओं, विश्वविद्यालयों और व्यवसायों के लिए खुला है।

एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूती ने कहा कि एमिटी अनुसंधान और नवाचार पर फोकस करता विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय है। इस प्रकार के कार्यक्रमों एमिटी एवं यूरोपीय देशों के संस्थानों के छात्रों के लिए लाभप्रद साबित होगे।

इस अवसर पर विभिन्न दो सत्रों में जर्मनी, चेक गणराज्य, फ्रांस, पोलैंड, स्विटजरलैंड और कई अन्य देशों के प्रतिनिधियों द्वारा यूरोप में शोध, नवाचार और अध्ययन के अवसरों पर प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। एमिटी फांउडेशन फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एलायस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. ए. के. सिंह ने एमिटी यूनिवर्सिटी और इसके शोध परिदृश्य का अवलोकन प्रस्तुत किया और एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा के अतिरिक्त प्रो-वाइस चांसलर डॉ. चंद्रदीप टंडन ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर एमिटी के वरिष्ठ संकाय और शोध विद्वान भी मौजूद थे।

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