फेलिक्स अस्पताल में 80 वर्षीय मरीज की हिप फ्रैक्चर की हुई सफल सर्जरी
मरीज की सेहत में सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी से तेजी से हुआ सुधार
बाथरूम में गिरने से पहले से बुजुर्ग हिप रिप्लेसमेंट की सर्जरी करा चुके थे
नोएडा: सेक्टर-137 फेलिक्स अस्पताल में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की जटिल हिप फ्रैक्चर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। मरीज चार साल पहले ही बाइपोलर हेमिआर्थ्रोप्लास्टी (आंशिक हिप रिप्लेसमेंट) करवा चुका था, लेकिन हाल ही में बाथरूम में गिरने से उनकी हिप रिप्लेसमेंट वाली जगह पर गंभीर फ्रैक्चर हो गया, जिससे मामला अत्यंत जटिल हो गया था।
फेलिक्स अस्पताल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बिनय कुमार साहू ने बताया कि इस जटिल मामले को ध्यान में रखते हुए सर्जरी की गई। चूंकि इसमें कई चुनौतियां थी, मसलन पुराने इम्प्लांट की जगह पर फ्रैक्चर होना यानी कि हड्डी पहले से लगे इम्प्लांट के चारों ओर टूट गई थी। इसके साथ ही पुराने इम्प्लांट का ढीला होना था क्योंकि पहले किए गए हिप रिप्लेसमेंट में अस्थिरता आ गई थी। इसके अलावा यह जटिल सर्जिकल प्रक्रिया थी क्योंकि पुराने इम्प्लांट और पहले से लगे सीमेंट को हटाने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। साथ ही इस बात का ध्यान रखना था कि सटीकता बहुत जरूरी है, मसलन नए इम्प्लांट को इस प्रकार फिक्स किया गया जिससे मरीज को दीर्घकालिक स्थिरता और गतिशीलता मिले।
पहले लगाए गए इम्प्लांट को हटाकर एडवांस प्लेटिंग तकनीक का उपयोग किया गया। साथ ही नए जॉइंट रिप्लेसमेंट (लॉन्ग स्टेम हेमीआर्थ्रोप्लास्टी) भी की गयी जिससे फ्रैक्चर को स्थिर किया गया और मरीज की गतिशीलता बहाल की गई। सर्जरी के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि मरीज की हड्डी पहले से कमजोर थी और पिछले इम्प्लांट को हटाने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। बावजूद टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का उपयोग करके सर्जरी को पूरी सफलता के साथ अंजाम दिया। यही कारण रहा कि सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज अब फिजियोथेरेपी की मदद से तेजी से ठीक हो रहा है।
हिप सर्जरी के बाद मरीज को मरीज को आराम की सलाह दी गई और फिर धीरे-धीरे फिजियोथेरेपी की सहायता से उन्हें चलने-फिरने के लिए प्रेरित किया गया। सर्जरी के बाद पुनर्वास प्रक्रिया भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए मरीज को नियमित रूप से डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में रखा गया है। ताकि उनके जोड़ों और मांसपेशियों को दोबारा से पूरी क्षमता के साथ काम करने में मदद मिल सके। फिजियोथेरेपी से मरीज की मांसपेशियों को मजबूती देने और सामान्य गतिविधियों में लौटने की प्रक्रिया को सुगम बनाने में सहायता मिली।
फेलिक्स अस्पताल एडवांस मेडिकल सेवाओं का केंद्रः
डॉ. बिनय कुमार साहू ने बताया कि ऐसे जटिल मामले आमतौर पर एडवांस मेडिकल सेंटर में किए जाते हैं। फेलिक्स अस्पताल ने विश्वस्तरीय ऑर्थोपेडिक देखभाल प्रदान कर यह साबित कर दिया कि यहां भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, अनुभवी चिकित्सकों की टीम और बेहतरीन पुनर्वास सेवाएं मौजूद हैं। जिससे मरीजों को जल्द और प्रभावी उपचार मिल सके। फेलिक्स अस्पताल लगातार ऑर्थोपेडिक चिकित्सा में नए मानदंड स्थापित कर रहा है और उन्नत उपचार के साथ मरीजों को विशेषज्ञ देखभाल प्रदान कर रहा है।
भविष्य में भी वे ऐसी ही उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि मरीजों को किसी भी गंभीर हड्डी रोग की स्थिति में सर्वोत्तम उपचार मिल सके। इस सफल सर्जरी ने यह साबित किया कि जटिल हड्डी रोग संबंधी सर्जरी के लिए मरीजों को दूर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें नोएडा में ही विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध है।


