एचसीएलफाउंडेशन ने की 2024 एचसीएलटेक ग्रांट के विजेता एनजीओ की घोषणा की

एचसीएलफाउंडेशन ने की 2024 एचसीएलटेक ग्रांट के विजेता एनजीओ की घोषणा की

चयनित एनजीओ को ग्रामीण भारत में लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण से लेकर प्रसवकालीन मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों की देखभाल से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए 16.5 करोड़ रुपए (लगभग $2 मिलियन) प्राप्त होंगे।

नोएडा: भारत की ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी एचसीएल टेक के कॉर्परिट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एजेंडे को संचालित करने वाले संगठन एचसीएल फाउंडेशन, ने आज अपने फ्लैगशिप कार्यक्रम एचसीएल टेक ग्रांट के नौंवे एडिशन के विजेता एनजीओ की घोषणा की है।

एचसीएल टेक ग्रांट पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर भारत में सतत ग्रामीण विकास से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट का समर्थन करता है। अब तक, एचसीएल टेक ग्रांट के माध्यम से एचसीएल फाउंडेशन द्वारा 146.95 करोड़ रुपए (लगभग $18 मिलियन) का योगदान दिया गया है। गैर सरकारी संगठनों को समर्थन देने के इस अभिनव दृष्टिकोण ने भारत के 27,542 गांवों में लगभग 20 लाख से अधिक लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद की है। 

इस साल, तीन एनजीओ द कॉर्बेट फाउंडेशन (पर्यावरण), संगथ (स्वास्थ्य) और मक्कला जागृति (शिक्षा) को चार साल की अवधि के उनके प्रोजेक्ट के लिए प्रत्येक को 5 करोड़ रुपए (लगभग $609,000) मिलेंगे।

कॉर्बेट फाउंडेशन - गार्जियन ऑफ ग्रासलैंड्स गुजरात के कच्छ जिले के 16 गांवों में गंभीर रूप से लुप्तप्राय बस्टर्ड और संबंधित प्रजातियों के संरक्षण पर केंद्रित है।

संगथ का प्रोजेक्ट- एम्पॉवर मध्य प्रदेश के तीन जिलों में प्रसवकालीन अवसाद और कुपोषण पर ध्यान देगा।

मक्कला जागृति का प्रोजेक्ट कर्नाटक के मैसूरु जिले के 451 गांवों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा प्रदान करने के लिए आंगनवाड़ी सरल चाइल्ड केयर सेंटर ईकोसिस्टम में बदलाव लाने के लिए प्रयास करेगा।

इसके अलावा, छह एनजीओ को एक वर्ष की अवधि के उनके प्रोजेक्ट के लिए 25 लाख रुपए (लगभग $30,500) का अनुदान प्राप्त होगा।:

पर्यावरण : लोकपंचायत और मुक्ति

स्वास्थ्य : ईसीएचओ इंडिया (एक्सटेंशन फॉर कम्युनिटी हेल्थकेयर आउटकम) और सोशल रिवाइवल ग्रुप ऑफ अर्बन रूरल एंड ट्राइबल कोरबा

शिक्षा: शिशु सरोथी सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन एंड ट्रेनिंग फॉर मल्टीपल डिसेबिलिटी और श्री अरबिंदो सोसाइटी

सुश्री रॉबिन एन अब्राम्स, चेयरपर्सन, एचसीएल टेक ग्रांट ज्यूरी और बोर्ड सदस्य, एचसीएल टेक ने कहा, "एचसीएल टेक ग्रांट केवल सीएसआर फंड नहीं है; यह उन भारतीय एनजीओ को वैश्विक स्तर पर लेकर जाने का एक प्रयास है, जो ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहे हैं। यह पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी प्रथाओं को साझा करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करता है, जिनकी प्रकृति परिवर्तनकारी हैं। साल भर चलने वाली एक सख्त प्रक्रिया में आवेदनों की शॉर्टलिस्टिंग, नियमों के पालन, फील्ड विजिट, ऑडिट और जूरी कार्यवाही शामिल होती है। यह आवेदन प्रक्रिया विजेताओं के चयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।"

डॉ. निधि पंढीर, वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल सीएसआर, एचसीएल टेक और डायरेक्टर, एचसीएल फाउंडेशन ने कहा, "एचसीएल टेक ग्रांट के नौंवे एडिशन के प्राप्तकर्ता ग्रामीण भारत के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों का समाधान करते हुए अपने संबंधित क्षेत्रों में इनोवेशन और समर्पण की एक मिसाल पेश करते हैं। उनकी पहल हमारे मुख्य फोकस एरिया के साथ निकटता से मेल खाती है। हमें विश्वास है कि वे समावेशी और सतत विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में तेजी से प्रगति करेंगे। एचसीएल फाउंडेशन साझेदारी और क्षमता निर्माण से जुड़ी पहल के माध्यम से एनजीओ को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम साथ मिलकर ग्रामीण समुदायों में परिवर्तनकारी बदलाव लाने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।"

एचसीएल टेक ग्रांट के नौंवे एडिशन में इस साल पूरे भारत के एनजीओ की ओर से लगभग 17000 रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए। प्रतिष्ठित जूरी सदस्यों के पैनल में श्री शिव नादर, फाउंडर, एचसीएल समूह, चेयरमैन एमेरिटस और बोर्ड के रणनीतिक सलाहकार; सुश्री रॉबिन एन अब्राम्स, चेयरपर्सन, एचसीएल टेक ग्रांट जूरी और बोर्ड सदस्य, एचसीएल टेक; डॉ. रिचर्ड लारिवियर, संस्कृत स्कॉलर और प्रेसिडेंट एमेरिटस, द फील्ड म्यूज़ियम, शिकागो; श्री बी.एस. बसवान, पूर्व डायरेक्टर, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान और पूर्व मानव संसाधन विकास सचिव; सुश्री पल्लवी श्रॉफ, मैनेजिंग पार्टनर, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी; श्री सुरेश नारायणन, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, नेस्ले इंडिया लिमिटेड शामिल थे। एचसीएलटेक ग्रांट गवर्नेस पार्टनर ग्रांट थॉर्नटन ने चयन प्रक्रिया की देखरेख और ऑडिट किया।

सितंबर 2023 में, एचसीएलटेक ने जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने और पूरे अमेरिका में ईकोसिस्टम और जैव विविधता की दिशा में काम करने वाले एनजीओ को अनुदान प्रदान करने के लिए अमेरिकाज़ प्रोग्राम में एचसीएलटेक ग्रांट लॉन्च किया। एचसीएलटेक ने कार्यक्रम के लिए पांच वर्षों में 5 मिलियन डॉलर देने का वादा किया है, जिसे बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। विजेताओं के पहले समूह की घोषणा आने वाले महीनों में की जाएगी।