2017 मधुमेह से पीड़ित लगभग 72.9 मिलियन लोगों के साथ भारत दुनिया की मधुमेह राजधानी बन चुका है

2017 मधुमेह से पीड़ित लगभग 72.9 मिलियन लोगों के साथ भारत दुनिया की मधुमेह राजधानी बन चुका है

ग्रेटर नोएड़ा। विश्व मधुमेह दिवस हर साल 14 नवंबर को, मधुमेह के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। आंकड़ों के हिसाब से भारत में 2017 मधुमेह से पीड़ित लगभग 72.9 मिलियन लोगों के साथ भारत दुनिया की मधुमेह राजधानी बन चुका है।

2045 तक यह संख्या बढ़कर 134 मिलियन हो जाने की उम्मीद है। एक रिसर्च के मुताबिक इनमें से लगभग 57% का पता ही नहीं है कि इन्हे मधुमेह हो चूका है। इसलिए इस वर्ष की थीम "मधुमेह शिक्षा तक पहुंच में वृद्धि" के अनुसार, नोएडा एक्सटेंशन मेडिकल एसोसिएशन (NEMA) निम्नलिखित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया - 

रविवार 13 नवंबर 2022 को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक 31 सदस्य क्लीनिक और कुछ चुनिंदा सोसायटियों में निःशुल्क रक्त शर्करा परीक्षण शिविर आयोजित किया गया जिसमे कुल 3245 लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण एवं ब्लड शुगर लेवल की जांच की गई।

 14 नवंबर 2022 को रात 8:30 बजे से "मधुमेह शिक्षा तक बढ़ती पहुंच - नागरिक समाज की भूमिका" विषय पर पैनल चर्चा, स्थान: गौर सौंदर्यम क्लब हाउस मे आयोजित किया गया, जिसमे रिटायर्ड जस्टिस श्री बी. पी. वर्मा जी,  UNICEF से डा. विवेक सिंह, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से डा. गुंजन तनेजा, रिसर्च सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया से डा. अमित गुप्ता, उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन से डा. सौरभ श्रीवास्तव, रिटायर्ड डायरेक्टर एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, इंडिया) डा. अक्षय धारीवाल, जी. मीडिया से पूजा मक्कर, फोर्टिस हॉस्पिटल से डा. शानू एवं नोएडा एक्सटेंशन मेडीकल एसोसिएशन की तरफ से डा. अंकिता सिंघल ने पैनलिस्ट के रूप मे अपने अपने विचार व्यक्त किए। 

डा. अमित गुप्ता ने मधुमेह मरीजों की बढ़ती संख्या पे चिंता जताई एवं मधुमेह के बारे में सही जानकारी के प्रसार पर जोर दिया। डा. विवेक सिंह ने बच्चो को ही सही शिक्षा के माध्यम से हेल्थी लाइफस्टाइल के बारे में जागरूक करने की उपयोगिता एवं इसके आगे चलकर मधुमेह में बचाव पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव पर चर्चा की। डा. गुंजन तनेजा ने मधुमेह रोगियों के लिए  वैक्सीन की उपयोगिता के बारे में बताया एवं लाइफ कोर्स वैक्सीनेशन की जानकारी दी।

डा. अक्षय धारीवाल जी दूर दराज के क्षेत्रों में मधुमेह रोग में ट्रेंड डाक्टरों कि कमी पर चिंता जताई एवं डाक्टरों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम को बड़ाने पर जोर दिया। पूजा जी ने फेक न्यूज़ एवं उससे उत्पन्न समस्याएं जो की हेल्थ सिस्टम पे एक आम आदमी के भरोसे को तोड़ने का काम करती है पे चर्चा की एवं इससे निपटने के उपायों के बारे मे बताया। डा. सौरभ श्रीवास्तव ने टाइप १ डायबिटीज के इलाज एवं उससे बचाव के बारे में बताया।

डा. शानू ने डायबिटीज की रोकथाम में हॉस्पिटल्स के रोल पे बात की एवं डा. अंकिता ने डायबिटीज में आने वाली नई रिसर्च एवं टेक्नोलॉजी के बारे में बताया। जस्टिस बी. पी वर्मा ने डॉक्टर एवं पेशेंट के बीच के संबंधों को सशक्त करने की जरूरत पे अपने विचार व्यक्त किए एवं डॉक्टर्स को रोल मॉडल बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन डा. नीलेश कपूर ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. सौरभ अग्रवाल ने किया। नोएडा एक्सटेंशन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से डा. विशाल गुप्ता ज़ोकि साइयंटिफ़िक अड्वाइज़र हैं उन्होंने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया साथ ही उनके सहयोगी , डा. वेंकटेश कुमार, डा. गौरव ठकराल, डा. पंकज पाल, डा. गौरव शेखर, डा. अभिषेक कुमार, डा. रजत माहेश्वरी, डा. दीपा, डा. सोनल इत्यादि उपस्थित रहे एवं कार्यक्रम के संयोजन में योगदान दिया।

नेमा (NEMA) इस आयोजन के लिए अपना समर्थन देने के लिए नेफोमा (NEFOWA) को धन्यवाद देता है एवं सभी से मधुमेह के बारे में सचेत रहते हुए समय समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच करने की अपील करता है।