जिला पंचायत सदस्य पर थाना प्रभारी भङके

जिला पंचायत सदस्य पर थाना प्रभारी भङके

 गाजीपुर  जिला पंचायत सदस्य पंचम इंजीनियर नीतेश कुमार ने कासिमाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमलेशपाल के पुलिसिया दुर्व्यवहार को लेकर यूपीपुलिस, डीजीपी, गाजीपुर पुलिस को ट्विटर पर ट्वीट कर नाराजगी जताई है। ट्विटर पर उनके द्वारा लिखा गया है क्या जिला पंचायत सदस्य का थानों पर कोई सम्मान नहीं आज कासिमाबाद थाने पर अपने क्षेत्र का मैटर था मैं बस इतना पूछा कि मामले में क्या हुआ सर तो भड़क गए और कहे भागो यहां से कुर्सी से उठो और अपमानित किए क्या अधिकार है कोतवाल महोदय को ट्विटर अकाउंट पर लिखे इन बातों को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों का कहना है कि जब एक जनप्रतिनिधि का सम्मान नहीं तो फरियादियों का सम्मान क्या होगा।ट्वीट करने के बाद से क्षेत्रीय सियासत में एक बार फिर कासिमाबाद कोतवाली प्रभारी की दुर्व्यवहार कार्य शेली लेकर गर्माहट हो गई है ।

बताया जा रहा है कि कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य पंचम इंजीनियर नितेश कुमार अपने किसी निजी कार्य हेतु कहीं जा रहे थे जैसे ही कासिमाबाद कोतवाली गेट के पास पहुंचे तो देखा कि अपने पंचायत क्षेत्र का कोई पीड़ित थाने परिसर में परेशान दिखा तब तक पीड़ित ने स्वयं इंजीनियर नीतेश कुमार को थाने पर पैरवी के लिए बुलाया तो जिला पंचायत सदस्य ने पंचायती क्षेत्र के पीड़ित व्यक्ति के पैरवी में पहुंचे तो उन्होंने दोनों पति-पत्नी के विवाद को मामला सुलहा कराया । इस दौरान जिला पंचायत सदस्य ने पीड़ित के सुलहनामा पत्रक थाना निरीक्षक को देने के बाद खजुहा गांव के एक मामले में जानकारी पूछा तो बताया जा रहा है कि कोतवाल अपने आदत से मजबूर भड़क गए और जिला पंचायत सदस्य को कहने लगे भागो यहां से कुर्सी से उठो। बताया जा रहा है कि यह बात सुनते ही जिला पंचायत सदस्य हक्का-बक्का रह गए और सूत्रों की माने तो थाना प्रभारी और जिला पंचायत सदस्य के बीच काफी देर तक नोकझोंक और झड़प हुई इस पर जिला पंचायत सदस्य ने भी उनसे दो टूक कहा कि मैं जनप्रतिनिधि हूं क्षेत्र की समस्या होगी तो थाने जरूर आऊंगा । जिला पंचायत सदस्य के ट्विटर के माध्यम से उपीपुलिस और डीजीपी सहित गाजीपुर पुलिस को अवगत कराने के मामले को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है । 

इस संदर्भ में मिडीया की टीम ने जब जिला पंचायत सदस्य इंजीनियर नितेश कुमार से जानना चाहा तो बताया कि एक पीड़ित परिजन के मदद के लिए गया था इस दौरान एक और मामले की जानकारी पूछने पर थाना निरीक्षक भड़क गए कहने लगे भागो यहां से कुर्सी से उठो शब्दो से अपमानित किए क्या यही अधिकार है प्रभारी निरीक्षक का। जब क्षेत्र में त्योहार या कोई समस्या होता है तो आला अधिकारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के द्वारा क्षेत्र में पीड़ित लोगों की समस्याओं को जाना चाहते हैं। जब जनप्रतिनिधि थाने पर पीड़ित की पैरवी के लिए पहुंचते हैं तो प्रभारी निरीक्षक के द्वारा अपमानित करने का दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं होगा । हम लोग जनप्रतिनिधि हैं और क्षेत्र की समस्या होगी तो थाने जरूर जाएंगे इनकी आवाज से नहीं दबने वाले। इस प्रकरण को लेकर जिला पंचायत सदस्य संगठन पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा