बच्चों की जिंदगी बदल रही निठारी लाइब्रेरी, 10 रुपये में खरीद सकते हैं कोई भी किताब

बच्चों की जिंदगी बदल रही निठारी लाइब्रेरी, 10 रुपये में खरीद सकते हैं कोई भी किताब

नोएडा के निठारी गांव (सेक्टर 31) में बनी 'फ्री पब्लिक लाइब्रेरी' बच्चों की जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है. निठारी कांड में मारे गए 19 बच्चों की याद में बनी इस लाइब्रेरी में करीब 60- 70 बच्चे रोजाना पढ़ने आते हैं। 

यह लाइब्रेरी 2015 में शुरू हुई थी. नोएडा की इस सबसे पुरानी ग्रामीण लाइब्रेरी की स्थापना में नोएडा अथॉरिटी का अहम योगदान रहा है. उसने बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए गांव में बने नए कम्युनिटी सेंटर का पहला फ्लोर प्रदान किया. अगर अथॉरिटी यह पहल नहीं करती तो गांव के बच्चों को कभी फ्री लाइब्रेरी नहीं मिल पाती।

इस लाइब्रेरी में दान से इकट्ठा की गई 3 हजार किताबें हैं. ये किताबें नर्सरी से लेकर 12 वीं तक के विभिन्न विषयों की हैं. ऐसे बच्चे जो किताबें खरीदने में असमर्थ हैं, वे यहां आकर महज 10 रुपये में कोई भी किताब खरीदकर ले जा सकते हैं. ये 10 रुपये भी महज इसलिए लिए जाते हैं, जिससे उन्हें किताब की कद्र रहे. 

अगर निठारी गांव या नोएडा- एनसीआर में किसी को नर्सरी से 12वीं तक किताब की जरूरत है तो वह इस लाइब्रेरी में आकर किताब ले सकता है. इसके साथ ही सभी से यह अपील भी है कि वे अपनी पुरानी किताबें कबाड़ी को बेचने के बजाय इस लाइब्रेरी में दान कर दें. ऐसा करने से अनेक बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल सकती है.