एमिटी विश्वविद्यालय में विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस पर परिचर्चा सत्र का आयोजन
नोएडा।PNI News। छात्रो को सेरेब्रल पाल्सी के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ रिहेबिलिटेशन सांइसेस द्वारा ‘‘हर असक्षमता में क्षमता है - सेरेब्रल पाल्सी योद्धा, आप चमकने के लिए पैदा हुए है’’ विषय पर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला, एमिटी विश्वविद्यालय के हेल्थ एंड एलाइड सांइसेस के वरिष्ठ निदेशक डा एस के श्रीवास्तव और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ रिहेबिलिटेशन सांइसेस की निदेशिका डा जयंती पुजारी द्वारा किया गया। इस परिचर्चा सत्र में आर्शीवाद - द नार्थ इंडिया सेरेब्रल पाल्सी एसोसिएशन की निदेशिका डा नीलम सोढ़ी, सेरेब्रल पाल्सी क्षेत्र के युवा उपलब्धिकार एवं वरिष्ठ बैंकर श्री सिद्धार्थ जयकुमार और भारतीय दिव्यंागता अधिकार अधिवक्ता सुश्री जीजा घोष ने अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला ने कहा कि सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित व्यक्ति को सशक्त करने की आवश्यकता है। सेरेब्रल पाल्सी एक विकार है जो व्यक्ति एक किसी पहलू या कई पहलूओं को प्रभावित करता है। उन्हे भी उच्च गुणवत्ता पूर्ण जीवन जीने का समान अधिकार है और उनके अभिभावक भी अपने बच्चों के लिए समान अधिकार चाहते है। कई व्यक्ति जो सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित व्यक्ति वयस्कता में स्वतंत्र जीवन जीते है और दर्द को दूर करने के लिए चिकित्सा उपचार प्राप्त करके अपनी जीवन प्रत्याशा में सुधार करने के लिए कार्य करते है। आज सेरेब्रल पाल्सी से ग्रस्त कई व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य कर रहे और साबित कर रहे है कि शारीरिक दिव्यांगता, प्रतिभा को रोक नही सकती।

एमिटी विश्वविद्यालय के हेल्थ एंड एलाइड सांइसेस के वरिष्ठ निदेशक डा एस के श्रीवास्तव ने कहा कि सेरेब्रल पाल्सी भिन्न प्रकार की होती हैं है जिसमें शरीर मस्तिष्क के निर्देशों का सही तरीके स पालन नही करता है। विश्व में लगभग 17 मिलियन लोग सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित है। समाज में एकीकृत करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रमो का संचालन आवश्यक है।
एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ रिहेबिलिटेशन सांइसेस की निदेशिका डा जयंती पुजारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उददेश्य सेरेब्रल पाल्सी के प्रति जानकारी प्रदान करते हुए सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ीत व्यक्ति के प्रशिक्षण और सहयोग के बारे में जानकारी प्रदान करना है। यह परिचर्चा सत्र सेरेब्रल पाल्सी व्यक्ति के मुख्य रूप से छह महत्वपूर्ण बिंदु जैसे कार्य, परिवार, स्वस्थता, मित्र, आनंद और भविष्य पर आधारित है।
इस अवसर पर ‘‘हर असक्षमता में क्षमता है - सेरेब्रल पाल्सी योद्धा, आप चमकने के लिए पैदा हुए है’’ विषय पर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया जिसमें ंसबोधित करते हुए आर्शीवाद - द नार्थ इंडिया सेरेब्रल पाल्सी एसोसिएशन की निदेशिका डा नीलम सोढ़ी ने कहा कि हर असक्षमता में एक क्षमता छिपी होती है। सेरेब्रल पाल्सी व्यक्ति वास्तव में एक योद्धा होते है। उन्होनें कहा कि सेरेब्रल पाल्सी के उपचार हेतु विकार की समय पर जानकारी होना आवश्यक है। अभिभावकों का शीघ्र कार्रवाई करते हुए, बच्चे को विशेष आवश्यकता है इसे स्वीकार करना चाहिए।
सेरेब्रल पाल्सी क्षेत्र के युवा उपलब्धिकार एवं वरिष्ठ बैंकर श्री सिद्धार्थ जयकुमार ने कहा कि हर व्यक्ति बहुत हद तक अपनी क्षमताओं को एहसास होता है। दिव्यांग व्यक्ति अपने कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा ध्यान केन्दीत करके, धैर्य और दृढ संकल्प के साथ पूर्ण कर सकता है। उन्होनें अपनी यात्रा के दौरान प्रस्तुत हुई विभिन्न चुनौतीयों के बारे में भी बताया अैर कहा कि लोगों को संवेदनशील बनाने की जरूरत है। उन्होनें कहा उन्हे अच्छा लगेगा कि लोग उन्हे एक दिव्यांग व्यक्ति की बजाय एक सफल बैंकर की तरह देखें।
भारतीय दिव्यांगता अधिकार अधिवक्ता सुश्री जीजा घोष ने कहा कि यूएनसीआरपीडी कंनवेशन के दृष्टिकोण आधारित और आरपीडब्लूडी एक्ट 2016 एक मील का पत्थर एक्ट है जो पीडब्लूडीएस के कारण और दिव्यंाग के लिए समानता को सहयोग करता है। उन्होनें भविष्य के विशेष शिक्षकों को सेरेब्रल पाल्सी व्यक्तियों के प्रशिक्षण, शिक्षार्थियों को संभालने और प्रबंधन के प्रति प्रोत्साहित किया। हर व्यक्ति जो सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित व्यक्ति को सम्मानपूर्वक और गरिमामय जीवन जीने का अधिकार है। इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ रिहेबिलिटेशन सांइसेस की डा अनुसूया के यादव, डा संपूर्णा गुहा आदि उपस्थित थे।


