जो जन्म लेता है तो उसकी मृत्यु भी निश्चित है, हिंदू धर्म सनातन है, अजन्मा है इसलिए यह अमर है - सुरेंद्र जैन

जो जन्म लेता है तो उसकी मृत्यु भी निश्चित है, हिंदू धर्म सनातन है, अजन्मा है इसलिए यह अमर है - सुरेंद्र जैन

नोएडा।PNI News। विश्व हिंदू परिषद के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन का उद्बोधन हिंदू समाज में नई चेतना का संचार करने वाला था। उन्होंने सनातन परंपराओं को जीवित रखने, उनका पोषण करने और उनका संवर्धन करने के लिए कार्यकर्ताओं का आवाहन किया। उन्होंने कहा आज इस अपार भीड़ को देखकर यह कहना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है कि हिंदुओं की चेतना जाग चुकी है। हिंदू संगठित होकर एकता का प्रमाण दे रहा है। सुरेंद्र जैन ने कहा कि जो जन्म लेता है तो उसकी मृत्यु भी निश्चित है। हिंदू धर्म सनातन है, अजन्मा है, अपौरुषेय है, इसलिए यह अमर है। कुछ धर्मावलंबियों का जन्म 14 सौ वर्ष पूर्व हुआ तो कुछ का जन्म 2000 वर्ष पूर्व हुआ था। इसलिए जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु भी अवश्य ही होगी। इसलिए इस हिंदू समाज को बिल्कुल भी चिंता नहीं करनी चाहिए कि ऐसे तालिबानी लोग जो बढ़ते आ रहे हैं। वह अपनी सनातन परंपरा को कुछ नुकसान भी पहुंचा पाएंगे। बस हम मात्र संगठित रहें। उन्हें सुरेंद्र जैन ने लव जिहाद, गौ हत्या, धर्मांतरण व अपने मान बिंदुओं के अपमान के लिए कुछ विशेष समुदाय के लोगों को दोषी माना है। नोएडा उत्तर प्रदेश का मुकुट मणि है। इसलिए नोएडा में अगर इस तरह की संख्या के कार्यक्रम होने शुरू हो गए हो तो अब भारत का स्वर्णिम युग शुरू होने में कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों उमानंदन कौशिक, लालमणि पांडे, छाया सिंह, अजीत भारद्वाज, जितेंद्र चौधरी, ललित भारद्वाज, अवधेश जी, आकाश, निर्दोष, ब्रह्मपाल , अमित, अजीत, राहुल रावत , आदि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि यह है नोएडा महानगर का भव्य कार्यक्रम उमा नंदन कौशिक के साथ साथ यहां के समस्त कार्यकर्ता बंधुओं के मेहनत का परिणाम है। लगभग 15 वर्षों पूर्व नोएडा महानगर में महानगर की इकाई भी स्थापित नहीं हो पाई रही थी। लेकिन उमा नंदन कौशिक के अथक प्रयासों से आज यह अपार जनसमूह हिंदू धर्म के नीतियों के अनुसार चलते हुए अपने संस्कारों के पोषण के लिए एकत्रित हुआ है ।