संघ के स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन, भव्यता से मनाया स्थापना दिवस

संघ के स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन, भव्यता से मनाया स्थापना दिवस

ग्रेटर नोएडा। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजय दशमी का त्योहार आज भी प्रासांगिक है। रावण के दस सिर यानी समाज में व्याप्त दस बुराई का प्रतीक है। आज के युवा वर्ग को विजयदशमी के दिन इन दस बुराई रूपी रावण की पहचान कर उसके विनाश का संकल्प लेना चाहिए। ये कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौतमबुद्ध नगर के बौद्धिक प्रमुख अलंकार का, जो विजयदशमी के कार्यक्रम में स्वयं सेवको को संबोधित कर रहे थे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने प्रत्येक वर्ष की भांति विजयदशमी का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्वयं सेवको द्वारा पूर्ण गणवेश में संघ बैंड की धुन पर भव्य पथ-संचलन निकाला गया। इसके प्रारंभ में अतिथियों द्वारा शस्त्र पूजन किया गया।

मुख्या कार्यक्रम पटवारी गांव के नौ देवी दुर्गा माता मंदिर के प्रांगण में हुआ। कार्यक्रम के प्रारम्भ में भारत माता का पूजन किया गया। उसके बाद मुख्य वक्ता अलंकार एवं संघचालक शिव कुमार जी द्वारा शस्त्र पूजन किया गया।

गौतमबुद्ध नगर के बौद्धिक प्रमुख अलंकार ने अपने उद्बोधन में संगठन कि शक्ति पर बल देते हुए बताया कि प्रभु श्रीराम ने वंचित वर्ग के आम जनमानस को संगठित करके रावण रूपी बुराई पर विजय प्राप्त की। उसी प्रकार समस्त समाज को संगठित और जागृत होकर देश के निर्माण में लगना चाहिए।

संघ प्रार्थना के बाद पूर्ण गणवेश में 175 से अधिक स्वयं सेवको ने पथ संचलन किया। पथ संचलन दुर्गा माता मंदिर से प्रारंभ होकर पंचमुखी गोलचक्कर होते हुए निराला एस्टेट तक जाकर वापस पटवारी के दुर्गा माता मंदिर में समाप्त हुई। विभिन्न स्थानों पर माताओं-बहनों ने पुष्प वर्षा करके स्वयं सेवकों का स्वागत भी किया।

कार्यक्रम के बारे में बताते हुए प्रचार प्रमुख अखंड ने बताया कि विजयादशमी संघ के सबसे महत्वपूर्ण उत्सवों में से एक है। यह दिन संघ स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है इसलिए इसका महत्त्व और बढ़ जाता है।