एनजीटी ने प्राधिकरण को दिया आदेश, 2 हफ्ते में अतिक्रमण हटा कर 30 अप्रैल तक करें रिपोर्ट पेश

एनजीटी ने प्राधिकरण को दिया आदेश, 2 हफ्ते में अतिक्रमण हटा कर 30 अप्रैल तक करें रिपोर्ट पेश

नोएडा।PNI News। आरडब्ल्यूए बी, सी, डी, सैक्टर 48 द्वारा सैक्टर में अतिक्रमण के खिलाफ एनजीटी के आदेशों की प्राधिकरण द्वारा पालना न करने पर एक अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसके परिणाम स्वरूप दिनांक 21 जनवरी को एनजीटी ने प्राधिकरण को आदेश दिया है कि वह 2 हफ्ते में इस अतिक्रमण को हटा कर दिनांक 30 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट एनजीटी में पेश करें। इसी संदर्भ में आरडब्ल्यूए-48 बी, सी, डी, द्वारा एक प्रेस वार्ता की गई जिसमें सभी पत्रकारो को इस अतिक्रमण के विषय से जुड़ी हुई विस्तृत जानकारी दी गई।

सेक्टर 48 निवासी पवन गोयल ने बताया कि नोएडा के सैक्टर 48 के हरित क्षेत्र को नोएडा प्राधिकरण द्वारा वर्षों से भू माफिया के अतिक्रमण से मुक्त करवाने और इसे पुनर्स्थापित करवाने के लिए समस्त सैक्टर वासियों की ओर से सैक्टर 48 के लगभग 22 सैक्टर वासियों ने वर्ष 2017 जनवरी में NGT में अपील की थी जिसमें दिनांक 14 अगस्त 2018 को NGT द्वारा नोएडा प्राधिकरण को आदेश पारित किया कि वह हरित क्षेत्र की बहाली की कार्यवाही करे। परंतु प्राधिकरण द्वारा आंशिक कार्यवाही कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली गई। NGT के आदेशों के पालन में कोताही को देखते हुए सैक्टर वासी लगातार प्राधिकरण के साथ पत्राचार एवं वार्ता करते रहे परंतु परिणाम निराशाजनक ही रहे। सैक्टर 48 में अतिक्रमण को हटाने के लिए NGT द्वारा नोएडा प्राधिकरण को 14 अगस्त वर्ष 2018 में दिए गए अपने पहले आदेश के पश्चात 14 सितंबर वर्ष 2018, दिनांक 11 दिसंबर 2018, 13 मार्च वर्ष 2019, 14 अगस्त वर्ष 2020, 1 नवंबर वर्ष 2021 तक लगातार कई बार इस संबंध में आदेश जारी किए गए। लेकिन परिणाम हताशा जनक ही रहे।
NGT के लगातार आदेशों के पश्चात भी नोएडा प्राधिकरण के अत्यंत उदासीन रवैए के परिणाम स्वरुप अब तक सैक्टर 48 में अतिक्रमण आज भी लगातार बढ़ ही रहा है। इससे क्षुब्ध होकर सैक्टर वासियों द्वारा सैक्टर 48 में अतिक्रमण के विरुद्ध नोएडा प्राधिकरण द्वारा NGT के आदेश की अवमानना के संदर्भ में माननीय NGT में एक और अपील दायर की गई जिसके परिणाम स्वरूप 21 जनवरी 2022 को माननीय NGT द्वारा प्राधिकरण को इसमें तत्काल सीमित समय अवधि 30 अप्रैल 2022 में सख्त और कारगर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। सैक्टर 48 के वासियों का यह संकल्प है कि जब तक सैक्टर 48 अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो जाता तब तक उनका संघर्ष लगाता जारी रहेगा।

इस अवसर पर फोनरवा महासचिव के. के. जैन एवं फोनरवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव विशेष तौर पर आमंत्रित थे।